वित्तीय सेवाओं के जोखिम प्रबंधन, ब्याज दरों और नियामकीय अनुपालन में कमी उजागर
नई दिल्ली, 29 नवंबर। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा ‘अपने ग्राहक को जानो’ (KYC) प्रक्रिया से जुड़े नियमों के उल्लंघन, बैंकिंग विनियमन कानून के अनुपालन में कमियों और कर्ज संबंधी ब्याज दरों से जुड़े प्रावधानों का पालन न करने के कारण की गई है। आरबीआई ने इसे नियामकीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम बताया है।
आरबीआई की जांच में सामने आईं खामियाँ
रिज़र्व बैंक ने बताया कि 31 मार्च 2024 तक बैंक की वित्तीय स्थिति और कार्यप्रणाली का स्टैच्यूटरी निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई बिंदुओं पर गंभीर चूक सामने आई, जिनमें शामिल हैं:
केवाईसी दिशानिर्देशों का पूर्ण अनुपालन न करना
ऋण पर ब्याज दरों से जुड़ी शर्तों का सही तरीके से पालन न होना
जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता से संबंधित निर्देशों में कमी
बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन
आरबीआई ने इन निष्कर्षों के आधार पर बैंक को नोटिस जारी किया था और बैंक से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
बैंक का जवाब असंतोषजनक, आरोप साबित
केंद्रीय बैंक के अनुसार, एचडीएफसी बैंक द्वारा दिए गए जवाब और अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद पाया गया कि बैंक के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही थे।
इसके बाद नियमानुसार मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक माना गया।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई बैंकिंग प्रणाली में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है और इसका बैंक की वित्तीय स्थिरता या ग्राहकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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