उत्तर 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर सरकार को घेरा
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Amit Shah ने शनिवार को उत्तर 24 परगना में आयोजित एक बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर सीधा और तीखा हमला बोला। अमित शाह ने मंच से ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल में अब टीएमसी की विदाई का समय आ गया है और राज्य की जनता इस बार बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत में ही कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बंगाल की धरती बदलाव मांग रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। उनके इस बयान के बाद सम्मेलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला।
घुसपैठ को लेकर ममता सरकार पर गंभीर आरोप
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने ममता सरकार पर अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद बंगाल में घुसपैठ को लेकर सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं। शाह का कहना था कि यह केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं है, बल्कि इससे राज्य की सुरक्षा, संस्कृति और जनसांख्यिकी पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए टीएमसी सरकार घुसपैठ के मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है।
‘वंदे मातरम’ के अपमान का मुद्दा उठाया
अमित शाह ने अपने भाषण में राष्ट्रवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर ‘वंदे मातरम’ के अपमान का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर जनता को यह बताएं कि भाजपा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखती है, जबकि टीएमसी केवल तुष्टिकरण की राजनीति करती है।
टीएमसी पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप
गृह मंत्री ने अपने भाषण में टीएमसी सरकार के कार्यकाल को भ्रष्टाचार और कुशासन से भरा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में आम आदमी कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास की कमी से परेशान है। शाह ने दावा किया कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं को बंगाल में या तो लागू नहीं होने दिया गया या फिर उनका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर इन सभी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा।
कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान
अमित शाह ने सम्मेलन में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभी से चुनावी मैदान में उतर जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है। हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर तक सक्रिय होकर काम करना होगा, तभी बंगाल में परिवर्तन संभव है। शाह ने विश्वास जताया कि पार्टी के कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर टीएमसी सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे और भाजपा की नीतियों को मजबूती से रखेंगे।
बंगाल की राजनीति में बढ़ता तापमान
अमित शाह के इस आक्रामक भाषण के बाद साफ है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने चुनावी मोर्चा पूरी तरह संभाल लिया है। टीएमसी और भाजपा के बीच सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। शाह के बयान ने जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह एक सख्त राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
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