जयपुर: चौमू हिंसा मामले में प्रशासन सख्त, अवैध ढांचों पर बुलडोजर

जयपुर के चौमू में हिंसा के बाद प्रशासन का एक्शन, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर राजस्थान के जयपुर जिले के चौमू में बीते दिनों हुई हिंसा के बाद अब प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हिंसा के एक हफ्ते बाद इलाके में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बुलडोजर की मदद से अवैध ढांचे गिराए जा रहे हैं और सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

चौमूं हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त रुख, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

बीते दिनों चौमू में एक मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी। प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे।

विवाद के ठीक एक हफ्ते बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस ने करीब 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। नोटिस की समय-सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई।
नोटिस का जवाब नहीं मिलने और वैध दस्तावेज पेश न किए जाने के बाद नगर निगम और नगर परिषद की टीम ने आज पत्थरबाजों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। चौमू की पठान कॉलोनी में 29 दिसंबर को 20 अवैध बूचड़खानों और अन्य अवैध निर्माण को लेकर तीन दिन का नोटिस दिया गया था।

Jaipur Chomu Bulldozer Action Mosque Railing Controversy | चौमूं में चला  बुलडोजर, कुछ दिन पहले मस्जिद के बाहर रेलिंग को लेकर हुआ था बवाल | Jansatta

पूरे मामले में अब तक करीब 110 लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें से 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ के दौरान 15 ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

ऊपर से की गई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें से 6 पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हंगामे के बाद मौके पर चार से अधिक थानों की पुलिस और आरएसी की एक कंपनी को तैनात किया गया था।

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