इंफाल। मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले में बीती रात को एक बार फिर से तनाव उस समय बढ़ गया, जब तुइबोंग इलाके में राज्य में नई बनी सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए। तनाव बढ़ने के बाद ऐहतियातन भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह अशांति सुबह जल्दी शुरू हुई, जब कुकी विधायकों द्वारा सरकार को समर्थन देने पर प्रदर्शनकारियों में व्यापक गुस्सा फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने चुने हुए प्रतिनिधियों पर समुदाय की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, खासकर अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग के संदर्भ में।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख कड़ा करते हुए घोषणा की कि जब तक उनकी अलग प्रशासन की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे लोकप्रिय सरकार का समर्थन नहीं करेंगे। कुकी विधायकों (जिनमें उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन, विधायक एलएम खौटे और न्गुर्संगलुर सनाटे शामिल थे) की मौजूदगी में लोकप्रिय सरकार बनने के बाद तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कदम को समुदाय की आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात माना।
दो प्रदर्शनकारियों ने की आत्मदाह की कोशिश
आंदोलन ने तब एक नाटकीय मोड़ लिया, जब कथित तौर पर दो प्रदर्शनकारियों ने विरोध के निशान के रूप में आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस कर्मियों के समय पर हस्तक्षेप से घटना को जानलेवा होने से रोक दिया गया। शाम करीब 6 बजे विरोध प्रदर्शन और बढ़ गया और बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बावजूद छिटपुट झड़पें हुईं। हालांकि, अधिकारी बड़ी हताहतों को रोकने में कामयाब रहे। सूत्रों ने पुष्टि की कि झड़पों के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
नियंत्रण बहाली के प्रयास जारी
रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल इलाके में पूरी तरह से नियंत्रण बहाल करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। ज्ञात हो कि कुकी समुदाय के कुछ वर्गों ने पहले कुकी विधायकों को चेतावनी दी थी कि अगर लोकप्रिय सरकार बनती है तो वे उसका समर्थन न करें। ऐसे में सरकार में कुकी समुदाय के विधायकों के शामिल होने के चलते पहले से ही नाजुक सुरक्षा स्थिति के बीच क्षेत्र में गहरी राजनीतिक और सामाजिक विभेद फिर से एक बार उजागर हुए हैं।
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