आलीराजपुर में धर्म बदल चुके परिवार की घर वापसी
आलीराजपुर जिले के बोरी थाना इलाके के रतनपुरा गांव में एक परिवार ने अपनी बेटी के अंतिम संस्कार के लिए फिर से हिंदू धर्म अपना लिया। कुछ समय पहले यह परिवार ईसाई धर्म में चला गया था। लेकिन अब जब उनकी 18 साल की बेटी की बीमारी से मौत हो गई और वे उसका अंतिम संस्कार गांव में करना चाहते थे, तो ग्राम वालों ने साफ मना कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि
"जब आप समाज की परंपरा और संस्कृति छोड़ चुके हो, तो हिंदू श्मशान में अंतिम संस्कार नहीं होगा।"जब परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी गांव के पटेल, पंच और समाज के लोग आ गए और कहा कि "अंतिम संस्कार तभी होगा जब आप वापस हिंदू धर्म अपनाओगे।"ग्रामीणों ने यह भी कहा कि "अगर समाज में रहना है तो समाज की परंपरा माननी पड़ेगी।"इसके बाद गांव के बड़े लोग और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में परिवार को बाबा देव मंदिर ले जाया गया। वहां उनकी शुद्धि करवाई गई और परिवार ने कहा कि वे दोबारा हिंदू धर्म में आस्था रखते हैं।परिवार के केसर सिंह ने सबके सामने कहा कि "हम अब हिंदू धर्म की परंपराएँ और रीति-रिवाज ही मानेंगे।" ग्रामीणों का कहना था कि "धर्म और संस्कृति की रक्षा जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति समाज की परंपरा छोड़ देता है, तो संकट के समय समाज उसकी मदद नहीं कर सकता। अंतिम संस्कार जैसे संस्कार तब ही होते हैं जब परिवार समाज से जुड़ा रहे।
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