कान की सुनने की शक्ति कम क्यों होती है? जानें 14 कारण और 10 बड़ी गलतियां जो बिल्कुल न करें
आजकल तेज आवाज, गलत आदतें और कान में चीजें डालने की वजह से सुनने की शक्ति कमजोर होने लगी है। यह समस्या उम्र, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य पर भी असर डालती है।
आजकल तेज आवाज, गलत आदतें और कान में चीजें डालने की वजह से सुनने की शक्ति कमजोर होने लगी है। यह समस्या उम्र, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य पर भी असर डालती है।
सुनाई कम होना कितनी बड़ी समस्या है?
बहुत तेज आवाज वाले गानों, लाउडस्पीकर या लगातार शोर में रहने से कान के भीतर की नसें कमजोर हो जाती हैं। सर्द मौसम और गलत लाइफस्टाइल भी कानों की संवेदनशीलता को और बढ़ा देते हैं।
तेज आवाज से सुनाई पर असर
लंबे समय तक हेडफोन लगाकर तेज आवाज में गाने सुनने से कान पर दबाव बढ़ता है। इससे कान के भीतर की कोशिकाएं कमजोर हो सकती हैं। यह आदत स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल दोनों को नुकसान पहुंचाती है।
हेडफोन का ज्यादा उपयोग
कान में तेल, रुई, दवाई, चाबी, हेयरपिन या कोई भी नुकीली चीज डालना बहुत खतरनाक होता है। इससे कान के भीतर घाव बन सकता है और सुनाई पर असर पड़ सकता है।
कान में चीजें डालने की गलती
सर्दियों में कान जल्दी संक्रमित हो जाते हैं, जिससे दर्द, सूजन और सुनने में कमी आने लगती है। गंदगी, ठंडी हवा और संक्रमण का तुरंत इलाज न करना स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
कान के संक्रमण के कारण
उम्र बढ़ने पर शरीर की कई क्षमताएं कम होने लगती हैं, जिसमें सुनने की शक्ति भी शामिल है। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन सही लाइफस्टाइल, पोषण और नियमित जांच से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ सुनाई पर असर
कुछ दवाएं कान की नसों पर असर डालती हैं, जिससे सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है।
दवाओं के गलत उपयोग से नुकसान
तेज आवाज से दूरी, हेडफोन का कम उपयोग, कान में कुछ न डालना और समय पर इलाज करवाना सुनने की शक्ति को सुरक्षित रखता है।
सुनने की शक्ति कैसे बचाएं?