हवाई प्रदर्शन देखा, ब्रह्मपुत्र पर बने सेतु और प्रबंधन संस्थान परिसर का किया उद्घाटन, इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
नई दिल्ली। Narendra Modi शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे, जहां मोरान बाईपास पर तैयार की गई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उनका विमान उतरा। उत्तर पूर्व भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जिसे सैन्य और नागरिक विमानों की आपात लैंडिंग और टेक-ऑफ को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायु सेना के सहयोग से विकसित किया गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर के हवाई प्रदर्शन को भी देखा। इस ऐतिहासिक क्षण को क्षेत्र के लिए सामरिक और आधारभूत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल रहा। उन्होंने हाथ हिलाकर उपस्थित नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। मंच पर असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने उनका स्वागत किया। इस दौरान राज्य और केंद्र सरकार के अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
#WATCH असम में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे। यहां, वे फाइटर प्लेन, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। ELF नॉर्थईस्ट इंडिया में अपनी तरह का पहला है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2026
(वीडियो: DD) pic.twitter.com/wyc7OnVbMc
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से बढ़ेगी सामरिक क्षमता
मोरान बाईपास पर बनी यह इमरजेंसी स्ट्रिप उत्तर पूर्व में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जरूरत पड़ने पर यहां सैन्य विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकेंगे। इससे न केवल रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा।
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प्रधानमंत्री ने हवाई प्रदर्शन के जरिए इस सुविधा की उपयोगिता को करीब से देखा। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की व्यवस्थाएं दूरदराज के इलाकों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद करती हैं और रणनीतिक रूप से बेहद अहम होती हैं।
#WATCH || प्रधानमंत्री @narendramodi असम के डिब्रूगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के मोरान बाईपास पर बनाई गई आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर उतरे।#Assam#AssamWelcomesModi#Dibrugarh@PMOIndia@IAF_MCCpic.twitter.com/WYUKI1ZTCT
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) February 14, 2026
ब्रह्मपुत्र पर बने सेतु का उद्घाटन
अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन भी किया। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह छह लेन का एक्सट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल उत्तर पूर्व क्षेत्र का पहला ऐसा पुल है। यह गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है, जिससे यातायात सुगम होने और क्षेत्रीय संपर्क बेहतर बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस परियोजना को राज्य के विकास के लिहाज से मील का पत्थर माना जा रहा है। पुल के शुरू होने से व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
#WATCH | असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया, जो गुवाहाटी और उत्तरी गुवाहाटी को जोड़ता है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2026
(वीडियो: DD) pic.twitter.com/pH8ZZqZ9Bc
#WATCH | Assam: Prime Minister Narendra Modi inaugurates Kumar Bhaskar Varma Setu across River Brahmaputra connecting Guwahati and North Guwahati.
— ANI (@ANI) February 14, 2026
The 6-lane extradosed Prestressed Concrete (PSC) bridge, built at a cost of around Rs 3,030 crore, connects Guwahati with North… pic.twitter.com/ALyiqZSfeA
प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati के अस्थायी परिसर का उद्घाटन भी किया। इस पहल से उत्तर पूर्व में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण संस्थानों की मांग उठती रही है, ऐसे में इस कदम को युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें देश के अन्य हिस्सों में जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही, यह संस्थान क्षेत्रीय आर्थिक और बौद्धिक विकास में भी योगदान देगा।
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इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने सेवा योजना के तहत चार शहरों में 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। इस पहल को स्वच्छ परिवहन और प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरी परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाने, ईंधन पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने योजना की रूपरेखा और इसके लाभों की जानकारी दी।
Adarniya Shri @narendramodi Ji dedicating the Kumar Bhaskar Varma Setu over the Brahmaputra, the National Data Centre for the North East, IIM Guwahati and 225 e-buses under PM-eBus Sewa ~ ushering in a new era of connectivity and growth. https://t.co/x2o7vkREgo
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) February 14, 2026
राष्ट्रीय डेटा सेंटर का उद्घाटन
अपने दौरे में प्रधानमंत्री ने कामरूप जिले के अमिंगांव में उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा सेंटर का उद्घाटन भी किया। यह केंद्र डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और तेज तरीके से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल पहल के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाई जाएं और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस केंद्र से प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ने और तकनीकी आधार मजबूत होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे को आधारभूत संरचना, शिक्षा, परिवहन और डिजिटल सशक्तिकरण के लिहाज से व्यापक महत्व का माना जा रहा है। विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ के साथ उत्तर पूर्व भारत को विकास की नई दिशा देने का संदेश दिया गया।
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