ढाका में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की सहभागिता, द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
ढाका, 17 फरवरी (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को बांग्लादेश पहुंचे, जहां उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे बिरला ने औपचारिक कार्यक्रम के उपरांत प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनकी पत्नी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी उपस्थित रहे।
समारोह के बाद बिरला ने सोशल मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि ढाका में आयोजित इस महत्वपूर्ण अवसर में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत बांग्लादेश के लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के स्तर पर गहरे संबंध हैं, जिन्हें और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।
Glad to attend the swearing-in ceremony of the new Government of Bangladesh led by Prime Minister @trahmanbnp in Dhaka today.
— Om Birla (@ombirlakota) February 17, 2026
India stands ready to support Bangladesh’s endeavours to build a democratic, progressive and inclusive nation. pic.twitter.com/dd0kbhbRzy
द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा
ओम बिरला और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई मुलाकात को भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग, संसदीय आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा की। बिरला ने भारत की ओर से यह आश्वासन दिया कि पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाना भारत की प्राथमिकता है।
भारत और बांग्लादेश के संबंध वर्षों से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग बढ़ा है। ऐसे में नई सरकार के गठन के बाद यह उच्चस्तरीय उपस्थिति दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देने का संकेत मानी जा रही है।
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वैश्विक नेताओं की उपस्थिति
उल्लेखनीय है कि शपथ ग्रहण समारोह में दुनिया के कई देशों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य सलाहकार यूनुस के आमंत्रण पर मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जू, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, श्रीलंका और नेपाल के विदेश मंत्री सहित अन्य देशों के प्रतिनिधि भी ढाका पहुंचे। इस अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति ने समारोह को वैश्विक महत्व प्रदान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय सहयोग और दक्षिण एशियाई देशों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह अवसर अहम साबित हो सकता है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष का प्रतिनिधित्व करना इस बात का संकेत है कि नई सरकार के साथ संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता
अपने संदेश में ओम बिरला ने लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनता की भागीदारी किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य हैं। भारत स्वयं एक मजबूत लोकतांत्रिक परंपरा वाला देश है और वह अपने अनुभवों को साझा करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
ढाका में आयोजित यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीतिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव था, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई दिशा और आपसी विश्वास की मजबूती को लेकर अब दोनों देशों की आगे की पहल पर नजर रहेगी।
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