रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग का राज्य स्तरीय कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित
भोपाल। मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में लोक निर्माण विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्रदेश के विकास में लोक निर्माण विभाग पूरी क्षमता, निष्ठा और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य कर रहा है। शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित Ravindra Bhavan में लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग के कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण से जुड़ा हुआ विभाग बताया।
मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग नई तकनीक और समयबद्ध कार्यप्रणाली के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति दे रहा है...
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 10, 2026
आज रवीन्द्र भवन, भोपाल में विभाग की राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया।
हमारे इंजीनियरों की दक्षता और समर्पण से ही हम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/r4Zl3ZlYe8
2014 के बाद विकास कार्यों ने पकड़ी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गठन के बाद देशभर में विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, सुरंग, एक्सप्रेस-वे और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण में बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसमें लोक निर्माण विभाग की भूमिका निर्णायक रही है।
पहले और अब के लोक निर्माण विभाग में बड़ा अंतर
मुख्यमंत्री ने अपने प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पूर्व में प्राधिकरण, पर्यटन, शिक्षा सहित अन्य विभागों में कार्य कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें यह भली-भांति ज्ञात है कि वर्ष 2014 से पहले लोक निर्माण विभाग की क्या स्थिति थी और आज विभाग किस स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को लेकर आम जनता में नकारात्मक धारणा बनी हुई थी और लोग विभाग को कोसते थे, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी दुख होता था, क्योंकि यह विभाग मूलतः जनकल्याण से जुड़ा हुआ है।
लोक निर्माण विभाग को भगवान राम से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धर्म, इतिहास और तकनीक का अनूठा समन्वय प्रस्तुत करते हुए लोक निर्माण विभाग की कार्यक्षमता की तुलना भगवान राम के काल से की। उन्होंने कहा कि यह पता नहीं कौन-सा ग्रह-नक्षत्र का संयोग रहा होगा, लेकिन इतना सक्षम और कल्याणकारी विभाग उन्हें भगवान राम की स्मृति से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के वनवास काल में भी ऐसे लोग मिले, जिन्होंने तकनीक और निर्माण कौशल के माध्यम से असंभव को संभव किया।
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रामसेतु और प्राचीन तकनीक का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि समुद्र पर पुल निर्माण जैसी कल्पना लाखों वर्ष पहले रामसेतु के रूप में साकार हो चुकी थी। नल और नील जैसे छोटे-छोटे नामों वाले शिल्पकारों ने जिस तकनीक से यह कार्य किया, वह आज भी आश्चर्यचकित करती है। उन्होंने कहा कि यदि इतिहास में ऐसे निर्माण कार्यों का उल्लेख न होता, तो यह समझ पाना कठिन होता कि उस युग में इतनी उन्नत तकनीक कैसे संभव थी।
पुष्पक विमान की विशेषताओं का किया वर्णन
मुख्यमंत्री ने रामायण के एक अन्य प्रसंग का उल्लेख करते हुए पुष्पक विमान की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वनवास काल के बाद जब भगवान राम को निश्चित समय सीमा में अयोध्या पहुंचना था, तब पुष्पक विमान मन की गति से उड़ता हुआ उन्हें लेकर आया। उन्होंने बताया कि इस विमान की सबसे अनूठी विशेषता यह थी कि उसमें जितने लोग बैठते थे, उसके अनुसार उसका आकार स्वतः बदल जाता था और फिर भी एक सीट सदैव खाली रहती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी ऐसी तकनीक उपलब्ध नहीं है, लेकिन उस समय विश्वकर्मा द्वारा निर्मित यह विमान तकनीकी उत्कृष्टता का अद्भुत उदाहरण था।
आधुनिक भारत में तकनीक और निर्माण की मिसालें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत में ऐसे अनेक कार्य हो रहे हैं, जो पहले असंभव माने जाते थे। उन्होंने मुंबई में समुद्र के भीतर बनाए गए मार्गों, पहाड़ों को काटकर बनाई गई सुरंगों और स्वर्ण चतुर्भुज जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सब उसी सोच और तकनीकी दक्षता का परिणाम है, जो लोक निर्माण जैसे विभागों के माध्यम से धरातल पर उतरती है।
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गीता के 13वें अध्याय को लोक निर्माण से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गीता के 13वें अध्याय का उल्लेख करते हुए क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ की अवधारणा को लोक निर्माण विभाग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि लोक का अर्थ क्षेत्रज्ञ और निर्माण का अर्थ पंचतत्वों से बने क्षेत्र से जोड़ा जा सकता है। इस दृष्टि से देखा जाए तो लोक निर्माण विभाग का हर कार्य केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि समाज के लिए आशीर्वाद बन जाता है।
संसाधनों और समय के सदुपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में यह आवश्यक है कि विभाग समय और धन का सदुपयोग करते हुए नई तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि लोक निर्माण विभाग इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों से भी कम समय में विभाग ने कई महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय लिए हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हुआ है।
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प्रशिक्षण और शिक्षण से और तेज होगी विकास गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण और शिक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी क्षमता और योग्यता के साथ कार्य करें, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और टिकाऊ आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।
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