iran us israel war: सऊदी स्थित दुनिया के सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको पर ईरान ने हमला किया है आज युद्ध का तीसरा दिन है ईरान के सर्वोच्च नेता ayatollah ali khamenei की मौत के बाद बदले की कार्रवाई के चलते ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले तेज किए हैं। इन देशों में कतर, बहरीन, सऊदी शामिल हैं।

सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर हमला, 

आज विशाल रस तनुरा तेल रिफाइनरी में आग लग गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं। दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश सऊदी अरब, सरकारी स्वामित्व वाली सऊदी अरामको के माध्यम से इस रिफाइनरी का संचालन करता है, जिसकी शोधन क्षमता प्रतिदिन 550,000 बैरल है।

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि आग सीमित क्षेत्र में ही लगी थी, उस पर काबू पा लिया गया है और इससे तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एहतियात के तौर पर रिफाइनरी में उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

इसके अलावा, सोमवार को कुवैत की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी, मीना अल-अहमदी रिफाइनरी, पर मलबा गिरने से हमला हुआ। दो कर्मचारी घायल हो गए, लेकिन प्रतिदिन 346,000 बैरल की क्षमता वाली इस रिफाइनरी का उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ।

सऊदी अरामको कंपनी के बारे में जानिए

सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक है। यह सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व में है। इसकी स्थापना 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ समझौते के तहत हुई थी।

1980 में यह पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आ गई। कंपनी का मुख्यालय धहरान में स्थित है। अरामको के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और यह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा बाजार की प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गई है।

सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी कंपनी की आय पर निर्भर करती है। अरामको केवल कच्चे तेल का उत्पादन ही नहीं करती, बल्कि रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

इसके नियंत्रण में दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरिक तेल क्षेत्र, गवार, भी आता है। 2019 में कंपनी ने शेयर बाजार में अपना आईपीओ लॉन्च किया, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ माना गया। हाल के वर्षों में अरामको रिन्यूबल एनर्जी, हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर जैसी तकनीकों में निवेश बढ़ा रही है।

फोटो में देखिए यु्द्ध के हालात 

publive-image

पकिस्तान में आज फिर विरोध प्रदर्शन, 7 मरे

पाकिस्तान में खामेनेई की मौत के विरोध में हंगामा आज भी जारी है। आज सुबह पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है।

गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के ऑफिस में आग लगा दी। वहीं, स्कर्दू में पुलिस अधिक्षक के कार्यालय और कई अन्य सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया।

अब तक कुल 23 लोगों की मौत,10 से ज्यादा घायल 

इस दौरान सुरक्षाबलों की ओर से की गई फायरिंग में 7 प्रदर्शनकारी मारे गए, 12 से ज्यादा घायल हैं।इससे पहले कल यानी रविवार को भी कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में खामेनेई की मौत के विरोध में तोड़-फोड़ की गई थी। सुरक्षाकर्मीयों ने दूतावास के अंदर से गोलियां चलाई गई थीं। जिनमें 16 लोग मारे गए थे। 

ब्रिटेन अपने 3 लाख लोगों को मिडिल ईस्ट से निकालेगा 

ईरान युद्ध के चलते पूरे मीडिल ईस्ट में अस्थिरता का महौल है और ईरान हमले रोकेगा ऐसे आसार नजर नही आते, इसी बीच ब्रिटेन ने कहा की वह अपने 3 लाख नागरिकों को मिडिल ईस्ट से निकालेगा।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि करीब 3 लाख लोग इस इलाके में मौजूद हैं उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए ब्रिटेन हर संभव प्रयास करेगा अगर जरुरत पड़ी तो सरकार अपने खार्च पर निकालेगी, ब्रिटेन ट्रैवल कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और चाहता है कि हवाई रास्ता जल्द से जल्द खुले, ताकि लोग सुरक्षित घर लौट सकें।

इजराइल बोला- ईरान के 2 खुफिया अधिकारियों को मारा

इजराइल ने कहा है कि उसने ईरान के खुफिया मंत्रालय के 2 अधिकारियों को मार गिराया है। इजराइली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई  IDF strike में सैयद यह्या हमीदी और जलाल पोर हुसैन को निशाना बनाया गया।

हमीदी ‘इजराइल मामलों’ के डिप्टी मिनिस्टर थे और उन पर विदेशों में यहूदियों, पश्चिमी देशों के नागरिकों और ईरान विरोधी तत्वों के खिलाफ गतिविधियों का नेतृत्व करने का आरोप था। जलाल पोर हुसैन मंत्रालय के जासूसी डिवीजन के प्रमुख थे।

साइप्रस में ब्रिटिश एयरबेस पर फिर सायरन बजे

ईरान ने साइप्रस में ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के अक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमला किया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार देर रात हुए इस हमले में बेस को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।

इसके जवाब में ब्रिटिश सेना कार्रवाई कर रही है। दरअसल, ब्रिटिश PM कीर स्टारमर ने ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले के लिए अमेरिका को इस बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी इसी बात को ध्यान में रखते हुए ईरान ने ब्रिटिस एयर फोर्स के अड्डे को निशाना बनाया। 

साइप्रस की सरकारी टीवी CyBC ने लाइव प्रसारण में बेस पर सायरन बजने और वहां से विमानों के उड़ान भरने की जानकारी दी।

एयरलाइन्स ने फुल रिफंड की घोषणा की

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई एयरलाइनों ने मध्य पूर्व की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। यात्रियों को रिफंड और बिना शुल्क टिकट बदलने की सुविधा दी गई है।

IndiGo ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का निलंबन बढ़ाया गया है। 28 फरवरी 2026 तक बुकिंग कराने वाले यात्री 7 मार्च 2026 तक की यात्रा के लिए बिना अतिरिक्त शुल्क तारीख बदल सकते हैं या क्रेडिट शेल ले सकते हैं।

Akasa Air ने 3 मार्च 2026 को जॉर्डन, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद की सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। 7 मार्च तक की बुकिंग पर पूरा रिफंड या मुफ्त री-शेड्यूल की सुविधा है।

Qatar Airways ने कतर का एयरस्पेस बंद होने के कारण अपनी उड़ानें फिलहाल रोक दी हैं। एयरस्पेस खुलने के बाद ही सेवाएं शुरू होंगी।

Emirates ने 3 मार्च दोपहर 3 बजे (यूएई समय) तक दुबई से आने-जाने वाली उड़ानें निलंबित कर दी हैं। 5 मार्च तक की बुकिंग वाले यात्री 20 मार्च तक नई तारीख चुन सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं।

एयरलाइनों ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जांचने की अपील की है। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।

चंद्र ग्रहण 2026: सिंह राशि में चंद्र ग्रहण, जानिए 12 राशियों पर प्रभाव और सटीक उपाय

3 या 4 मार्च? आखिर कब है होली, 2026 में अलग-अलग मतों के बीच ज्योतिषाचार्य ने बताया सही दिन

जयशंकर ने कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से की मुलाकात: रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर

इजराइल की धमकी के बाद लेबनान से पलायन तेज: सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें