बेरूत में हमलों की आशंका से दहशत, सीमाओं की ओर बढ़ रहे हजारों लोग
इजराइल। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान का सोमवार को तीसरा दिन है। क्षेत्र में बढ़ते हमलों और चेतावनियों के बीच लेबनान में दहशत का माहौल गहराता जा रहा है। इजराइल की ओर से बेरूत और हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाए जाने की धमकियों के बाद बड़ी संख्या में लोग राजधानी और आसपास के इलाकों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो रहे हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार रात इजराइली सेनाओं ने मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। हालांकि सभी हमलों के आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन संभावित व्यापक कार्रवाई की आशंका ने आम नागरिकों में भय बढ़ा दिया है।
सीमाओं की ओर उमड़ा सैलाब
बेरूत से निकलने वाले प्रमुख राजमार्गों और सीमा चौकियों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई परिवार अपने बच्चों और जरूरी सामान के साथ गाड़ियों में सवार होकर सुरक्षित इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ बढ़ गई है और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी में तेजी देखी जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ इलाकों में यातायात पूरी तरह जाम हो गया है। लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे। कई परिवारों ने बताया कि वे एहतियातन शहर छोड़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि आने वाले दिनों में हमले और तेज हो सकते हैं।
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बढ़ता सैन्य तनाव
इजराइल लगातार ईरान और लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने की बात कर रहा है। उधर, ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। इन परस्पर हमलों और दावों ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि लेबनान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई होती है तो इसका असर केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ेगा। लेबनान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में नई सैन्य टकराव की आशंका ने नागरिकों की चिंता और बढ़ा दी है।
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मानवीय संकट की आशंका
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। यदि बड़े पैमाने पर विस्थापन होता है तो मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है। राहत और आपातकालीन सहायता की तैयारियों पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल लेबनान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। नागरिक अनिश्चितता के बीच अपने परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पलायन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक प्रयासों के आधार पर स्थिति की दिशा तय होगी।
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