ठंड का मौसम शुरू होते ही शरीर को गर्म और आरामदायक रखने की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। दिन के मुकाबले रात के समय तापमान तेजी से गिरता है, जिससे शरीर को ठंड अधिक महसूस होती है। ऐसे में बहुत से लोगों को नींद आने में परेशानी होने लगती है और रात भर ठंड के कारण नींद बार-बार टूटती रहती है। इसी समस्या से बचने के लिए लोग रजाई और कंबल के साथ-साथ मोजा पहनकर भी सोना शुरू कर देते हैं, ताकि पैरों से ठंड न लगे और शरीर को पर्याप्त गर्मी मिलती रहे।
कई लोगों का अनुभव होता है कि मोजा पहनकर सोने से पैरों में ठंड नहीं लगती और शरीर की गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है। जब शरीर का तापमान संतुलित रहता है, तो दिमाग को यह संकेत मिलता है कि अब आराम करने का समय है, जिससे नींद जल्दी आने लगती है। यही कारण है कि कुछ लोगों को मोजा पहनकर सोने पर गहरी और सुकूनभरी नींद मिलती है। दूसरी ओर कुछ लोग इसे असहज मानते हैं और उन्हें लगता है कि मोजा पहनने से पैरों में घुटन महसूस होती है, पसीना आता है और बेचैनी बढ़ जाती है।
नींद केवल आराम का समय नहीं होती, बल्कि यही वह अहम समय होता है जब शरीर खुद को ठीक करता है, दिनभर की थकान दूर करता है और अगले दिन के लिए ऊर्जा जुटाता है। नींद के दौरान शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं, जो शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। अगर इस दौरान शरीर का तापमान संतुलित न रहे, तो नींद की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। ठंड लगने पर नींद बार-बार टूटती है और सुबह उठने पर शरीर भारी और थका हुआ महसूस होता है।
मोजा पहनकर सोने से शरीर कैसे रहता है गर्म
हमारे पैरों में कई महत्वपूर्ण रक्त नलिकाएं होती हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। जब ठंड के मौसम में पैर खुले रहते हैं, तो शरीर की गर्मी तेजी से बाहर निकलने लगती है। यही कारण है कि सबसे पहले ठंड पैरों में महसूस होती है और फिर धीरे-धीरे पूरा शरीर ठंडा लगने लगता है।
मोजा पहनने से पैरों की गर्मी सुरक्षित रहती है और शरीर का तापमान संतुलन बना रहता है। जब शरीर को पर्याप्त गर्मी मिलती है, तो दिमाग को यह संकेत मिलता है कि अब आराम का समय है। इसी वजह से कई लोगों को मोजा पहनकर सोने पर जल्दी नींद आ जाती है और ठंड के कारण नींद टूटने की समस्या कम हो जाती है।
नींद की गुणवत्ता पर मोजा पहनने का असर
जिन लोगों को ठंड के कारण रात में बार-बार नींद खुलती है, उनके लिए मोजा पहनकर सोना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। जब शरीर ठंड से बचा रहता है, तो नींद गहरी और लगातार बनी रहती है। गहरी नींद मिलने से दिमाग को पूरा आराम मिलता है और सुबह उठने पर शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करता है।
अच्छी नींद का सीधा असर दिनभर की ऊर्जा, काम करने की क्षमता और मानसिक संतुलन पर पड़ता है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में कई लोग मोजा पहनकर सोने को अच्छी आदत मानते हैं।
हॉट फ्लैशेज में कैसे मिलती है राहत
कुछ लोगों को रात के समय अचानक तेज गर्मी महसूस होती है, पसीना आता है और बेचैनी बढ़ जाती है। यह स्थिति नींद को खराब कर देती है। मोजा पहनकर सोने से शरीर का तापमान धीरे-धीरे संतुलित रहता है और अचानक होने वाले तापमान बदलाव कम होते हैं।
पैरों के गर्म रहने से शरीर को संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे रात की बेचैनी घट सकती है और नींद बार-बार टूटने से बचती है। यही कारण है कि कुछ लोगों को हॉट फ्लैशेज की समस्या में मोजा पहनकर सोने से राहत महसूस होती है।
रक्त संचार पर पड़ने वाला प्रभाव
ठंड के मौसम में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्त संचार धीमा हो सकता है। मोजा पहनने से पैरों में गर्मी बनी रहती है और रक्त प्रवाह बेहतर बना रहता है। जिन लोगों के हाथ-पैर जल्दी ठंडे हो जाते हैं, उनके लिए यह आदत राहत देने वाली हो सकती है।
बेहतर रक्त संचार से मांसपेशियों को आराम मिलता है, अकड़न कम होती है और सुबह उठने पर पैरों में जकड़न महसूस नहीं होती।
किन लोगों को मोजा पहनकर नहीं सोना चाहिए
- जिन लोगों को पैरों में ज्यादा पसीना आता है, उन्हें मोजा पहनकर सोने से बचना चाहिए।
- रात भर पसीना जमा रहने से त्वचा में खुजली, जलन और संक्रमण की समस्या बढ़ सकती है।
- जिन लोगों को त्वचा से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, जैसे एलर्जी या दाने, उनके लिए मोजा पहनना नुकसानदेह हो सकता है।
- फंगल संक्रमण से परेशान लोगों को भी रात में मोजा नहीं पहनना चाहिए।
- बहुत टाइट मोजा पहनने से पैरों में रक्त संचार प्रभावित हो सकता है।
- रक्त संचार बाधित होने पर पैरों में सुन्नता, झनझनाहट या दर्द महसूस हो सकता है।
गलत तरीके से मोजा पहनने के नुकसान
अगर गंदा या गीला मोजा पहनकर सोया जाए, तो यह त्वचा से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक नमी बने रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह बहुत मोटे या हवा न गुजरने देने वाले मोजे पहनने से पैरों में गर्मी जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे बेचैनी होती है।
सही मोजा कैसे चुनें
अगर आप ठंड में मोजा पहनकर सोने का फैसला करते हैं, तो हल्के, ढीले और सूती कपड़े से बने मोजे सबसे बेहतर होते हैं। ऐसे मोजे त्वचा को सांस लेने देते हैं और पसीना सोख लेते हैं। सोने से पहले साफ मोजा पहनना और सुबह उठते ही उन्हें उतार देना भी जरूरी होता है।
क्या बिना मोजे सोना ज्यादा बेहतर है
जिन लोगों को ठंड ज्यादा नहीं लगती या जिनके पैर जल्दी पसीने से भीग जाते हैं, उनके लिए बिना मोजे सोना ज्यादा आरामदायक हो सकता है। इससे त्वचा खुली रहती है और शरीर अपने आप तापमान को संतुलित कर लेता है। हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार फैसला करना सबसे सही रहता है।
निष्कर्ष
ठंड में मोजा पहनकर सोना कुछ लोगों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, जबकि कुछ के लिए यह परेशानी का कारण बन सकता है। यह पूरी तरह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, त्वचा की संवेदनशीलता और ठंड सहने की क्षमता पर निर्भर करता है। सही प्रकार के मोजे चुनकर और स्वच्छता का ध्यान रखकर इस आदत के फायदे सुरक्षित तरीके से उठाए जा सकते हैं।
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