आज के समय में सॉस लगभग हर घर की रसोई का हिस्सा बन चुका है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई सॉस के स्वाद का दीवाना है। नूडल्स, समोसे, चाट, मोमोज और कई अन्य खाद्य पदार्थ सॉस के बिना अधूरे लगते हैं। यही वजह है कि बाजार में सॉस की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन इसी बढ़ती मांग के साथ मिलावट का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है।
हाल के दिनों में कई जगहों से मिलावटी सॉस पकड़े जाने की खबरें सामने आई हैं। सॉस में अधिक रंग, रसायन और सस्ते विकल्प मिलाकर उसे आकर्षक और लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा रहा है। दिखने में चमकदार लाल सॉस स्वाद में भले ही अच्छा लगे, लेकिन इसके पीछे छिपा खतरा धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉक्टर क्यों दे रहे हैं चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी सॉस का नियमित सेवन पेट, आंतों और लीवर पर बुरा असर डाल सकता है। सॉस में मिलाए गए कृत्रिम रंग और रसायन पाचन तंत्र को कमजोर करते हैं। बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका एक बड़ा कारण मिलावटी खाद्य पदार्थ माने जा रहे हैं।
डॉक्टरों का साफ कहना है कि सड़क किनारे मिलने वाला सॉस और स्ट्रीट फूड से दूरी बनाना ही समझदारी है। साफ-सफाई और सामग्री की जानकारी न होने के कारण यह सॉस सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
स्ट्रीट फूड में सॉस क्यों ज्यादा खतरनाक
स्ट्रीट फूड में इस्तेमाल होने वाला सॉस अक्सर लंबे समय तक खुले में रखा रहता है। धूल, गंदगी और मक्खियों के संपर्क में आने से उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऊपर से अगर सॉस पहले से ही मिलावटी हो, तो खतरा और बढ़ जाता है।
अक्सर सस्ते सॉस में टमाटर की जगह रसायनों और रंगों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इससे स्वाद तो तेज आता है, लेकिन शरीर पर इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है।
घर पर सॉस में मिलावट की पहचान कैसे करें
घर पर कुछ आसान तरीकों से सॉस की शुद्धता की जांच की जा सकती है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती।
अगर सॉस बहुत ज्यादा चमकदार लाल दिखे और हाथ या बर्तन पर रंग छोड़ दे, तो उसमें रंग मिलावट का संकेत हो सकता है। सॉस को पानी में डालने पर अगर रंग फैलने लगे, तो सावधान हो जाना चाहिए।
शुद्ध सॉस की खुशबू हल्की और प्राकृतिक होती है। बहुत तेज या रासायनिक गंध मिलावट की ओर इशारा करती है। स्वाद बहुत ज्यादा तीखा या कड़वा लगे, तो भी सॉस संदिग्ध हो सकता है।
बच्चों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है मिलावटी सॉस
बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। मिलावटी सॉस में मौजूद रसायन बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं। इससे बार-बार बीमार पड़ना, पेट की समस्या और त्वचा से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
इसीलिए डॉक्टर बच्चों को बाजार का सॉस देने से बचने और घर पर तैयार सॉस या सीमित मात्रा में शुद्ध सॉस देने की सलाह देते हैं।
घर पर कैसे बनाएं बिना मिलावट वाला सॉस
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- मिलावटी सॉस से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है घर पर सॉस तैयार करना।
- घर पर बना सॉस स्वाद में बेहतर होता है और इसमें कोई कृत्रिम रंग या रसायन नहीं होता।
- सॉस बनाने के लिए ताजे और पके हुए टमाटर का चयन करें।
- टमाटरों को अच्छी तरह धोकर उबालें और उनका छिलका निकाल दें।
- उबले टमाटरों को पीसकर एक चिकना मिश्रण तैयार करें।
- इस मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं ताकि पोषण बना रहे।
- स्वाद अनुसार नमक और हल्के मसाले मिलाएं।
- प्राकृतिक खटास के लिए थोड़ी मात्रा में सिरका डालें।
- सॉस को तब तक पकाएं जब तक वह गाढ़ा न हो जाए।
- ठंडा होने पर सॉस को साफ कांच की बोतल में भरकर रखें।
- घर पर बना सॉस बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित होता है।
- यह सॉस लंबे समय तक स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता।
सुरक्षित रहने के लिए क्या करें
अगर सॉस का इस्तेमाल करना जरूरी हो, तो हमेशा विश्वसनीय ब्रांड का चयन करें और सामग्री सूची जरूर पढ़ें। घर पर सॉस बनाना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। टमाटर, नमक और मसालों से बना सॉस स्वाद के साथ सेहत भी देता है।
स्ट्रीट फूड खाते समय सॉस से परहेज करना और बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर रखना समझदारी भरा कदम हो सकता है।
निष्कर्ष
मिलावटी सॉस देखने में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन यह शरीर के लिए धीरे-धीरे जहर का काम कर सकता है। डॉक्टरों की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सही जानकारी, सतर्कता और घर पर की गई जांच से आप खुद को और अपने परिवार को इस खतरे से बचा सकते हैं।
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