सर्दियों का मौसम शुरू होते ही ऊनी कपड़े हमारी अलमारी का सबसे अहम हिस्सा बन जाते हैं। ठंड से बचाव के लिए स्वेटर, शॉल, जैकेट, मफलर और टोपी जैसे ऊनी कपड़े रोजमर्रा की जरूरत बन जाते हैं। ये कपड़े न केवल शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि ठंडी हवा से सुरक्षा देकर आराम और सुकून भी प्रदान करते हैं। लंबे समय तक बाहर रहना हो या सुबह-शाम की ठंड से बचना हो, ऊनी कपड़े हमारे जीवन का सहारा बन जाते हैं।
लेकिन अक्सर देखा जाता है कि एक या दो सर्दियों के बाद ही यही ऊनी कपड़े पुराने, ढीले या खराब नजर आने लगते हैं। कहीं कपड़ों से ऊन निकलने लगती है, कहीं उनका आकार बिगड़ जाता है, तो कहीं उनकी गर्माहट पहले जैसी नहीं रहती। कई बार कपड़े इतने खराब हो जाते हैं कि उन्हें पहनने लायक भी नहीं छोड़ा जाता। इसका मुख्य कारण कपड़ों की खराब गुणवत्ता नहीं, बल्कि उनकी गलत देखभाल होती है।
असल में ऊनी कपड़े बहुत नाजुक होते हैं और उन्हें सामान्य कपड़ों से अलग तरीके से संभालने की जरूरत होती है। अगर इन्हें सामान्य कपड़ों की तरह ही धोया जाए, तेज साबुन से साफ किया जाए, गलत तरीके से सुखाया जाए या बिना साफ किए लंबे समय तक रखा जाए, तो वे जल्दी खराब हो जाते हैं। ऊनी कपड़ों के रेशे बेहद संवेदनशील होते हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, अगर ऊनी कपड़ों की सही तरीके से देखभाल की जाए, तो वे सालों तक टिक सकते हैं। सही धुलाई, सावधानी से सुखाने और ठीक ढंग से रखने की आदत न केवल कपड़ों की उम्र बढ़ाती है, बल्कि उनकी गर्माहट, नरमी और सुंदरता को भी बनाए रखती है। यही वजह है कि हर सर्दी में ऊनी कपड़ों की देखभाल को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो जाता है।
ऊनी कपड़ों को धोते समय किन बातों का ध्यान रखें
ऊनी कपड़ों की धुलाई सबसे संवेदनशील चरण होती है। कई लोग इन्हें सामान्य कपड़ों की तरह ही धो देते हैं, जिससे कपड़ों की बनावट खराब हो जाती है। ऊनी कपड़ों को कभी भी गर्म पानी में नहीं धोना चाहिए, क्योंकि गर्म पानी से ऊन सिकुड़ जाती है और कपड़े का आकार बिगड़ सकता है। हल्के गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल ऊनी कपड़ों के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है।
धोते समय कपड़ों को जोर से रगड़ने या मरोड़ने से बचना चाहिए। ज्यादा दबाव डालने से कपड़ों के रेशे टूट सकते हैं और ऊन बाहर आने लगती है। बेहतर यही होता है कि कपड़ों को हल्के हाथों से दबाकर साफ किया जाए। यह तरीका कपड़ों की उम्र बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है।
ऊनी कपड़ों के लिए सही साबुन का चुनाव
ऊनी कपड़ों के लिए साबुन का चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। सामान्य तेज साबुन या डिटर्जेंट ऊनी कपड़ों की नरमी और गर्माहट को धीरे-धीरे खत्म कर सकते हैं। ऐसे साबुन कपड़ों के रेशों को कमजोर कर देते हैं, जिससे कपड़े जल्दी खराब होने लगते हैं।
इसलिए हमेशा हल्के या विशेष रूप से ऊनी कपड़ों के लिए बने साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। साबुन को सीधे कपड़े पर लगाने के बजाय पहले पानी में अच्छी तरह घोल लें और फिर उसी पानी में कपड़े धोएं। इससे कपड़ों पर साबुन का असर कम पड़ता है और उनकी गुणवत्ता बनी रहती है।
ऊनी कपड़ों को सही तरीके से सुखाना क्यों जरूरी है
धुलाई के बाद ऊनी कपड़ों को सुखाने का तरीका भी उतना ही जरूरी होता है। बहुत से लोग कपड़ों को निचोड़कर या टांगकर सुखा देते हैं, जिससे कपड़े फैल सकते हैं और उनका आकार बिगड़ जाता है। ऊनी कपड़ों से अतिरिक्त पानी हल्के हाथों से दबाकर निकालना चाहिए।
इसके बाद कपड़ों को तौलिये पर फैलाकर छांव में सुखाना सबसे अच्छा तरीका होता है। सीधी धूप में ऊनी कपड़े सुखाने से ऊन कमजोर हो सकती है और कपड़े जल्दी पुराने लगने लगते हैं। हल्की हवा वाली जगह पर सुखाने से कपड़े सुरक्षित रहते हैं और लंबे समय तक टिकते हैं।
पहनने के बाद ऊनी कपड़ों की सफाई कैसे करें
हर बार ऊनी कपड़े पहनने के बाद उन्हें धोना जरूरी नहीं होता। बार-बार धुलाई से कपड़े जल्दी खराब हो सकते हैं। कई बार केवल हल्की धूप या हवा में रखने से कपड़ों की नमी और गंध दूर हो जाती है। यह तरीका ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करता है।
अगर कपड़ों पर हल्का दाग लग जाए, तो पूरे कपड़े को धोने के बजाय केवल उसी जगह को हल्के से साफ करना बेहतर होता है। इससे कपड़ा बेवजह खराब नहीं होता और उसकी उम्र बढ़ती है।
ऊनी कपड़ों को रखने का सही तरीका
- सर्दियों के बाद ऊनी कपड़ों को रखने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है।
- कपड़ों को पूरी तरह सुखाकर ही अलमारी में रखें।
- अधसूखे या गीले कपड़े रखने से बदबू, फफूंदी और कीड़े लग सकते हैं।
- ऊनी कपड़ों को हमेशा मोड़कर रखें, टांगकर रखने से बचें।
- टांगकर रखने से कपड़ों का आकार बिगड़ सकता है और वे ढीले हो जाते हैं।
- कपड़ों के बीच नीम की पत्तियां या कपूर रखें ताकि कीड़ों से बचाव हो सके।
- कपड़ों को सूखी और साफ जगह पर रखें, जिससे वे लंबे समय तक सुरक्षित रहें।
ऊनी कपड़ों में रोएं निकलने से कैसे बचाएं
ऊनी कपड़ों में रोएं निकलना एक आम समस्या है, जो गलत देखभाल के कारण बढ़ जाती है। कपड़ों को उल्टा करके धोने और सुखाने से रोएं निकलने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। इसके अलावा कपड़ों को ज्यादा रगड़ने से बचना भी जरूरी है।
अगर कपड़ों पर हल्की ऊन निकल आए, तो उसे बहुत धीरे और सावधानी से हटाना चाहिए। बार-बार ऐसा करने से कपड़े कमजोर हो सकते हैं, इसलिए इस आदत को सीमित रखना बेहतर होता है।
आम गलतियां जो ऊनी कपड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं
कई लोग ऊनी कपड़ों को मशीन में धो देते हैं या तेज धूप में सुखा देते हैं, जिससे कपड़े जल्दी खराब हो जाते हैं। गीले कपड़ों को लंबे समय तक मोड़कर रखना भी एक बड़ी गलती मानी जाती है। इसके अलावा गलत साबुन का इस्तेमाल और कपड़ों को गलत तरीके से स्टोर करना ऊनी कपड़ों की उम्र को काफी कम कर देता है।
इन छोटी-छोटी गलतियों से बचकर आप अपने ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
निष्कर्ष
ऊनी कपड़े सर्दियों में हमारी सबसे बड़ी जरूरत होते हैं, लेकिन उनकी सही देखभाल न की जाए तो वे जल्दी खराब हो सकते हैं। थोड़ी सी समझदारी, सही धुलाई, सही सुखाने और सही तरीके से रखने की आदत अपनाकर आप अपने ऊनी कपड़ों को सालों तक गर्म, सुरक्षित और नए जैसा बनाए रख सकते हैं। सही देखभाल न केवल कपड़ों की उम्र बढ़ाती है, बल्कि आपकी मेहनत की कमाई को भी लंबे समय तक बचाकर रखती है।
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