आज के समय में इंस्टेंट ब्लैक कॉफी केवल एक पेय नहीं, बल्कि लाखों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। सुबह की शुरुआत हो, काम के बीच थकान हो या देर रात तक जागने की जरूरत — कॉफी को ऊर्जा का त्वरित स्रोत माना जाता है। लेकिन हाल ही में कुछ चर्चाओं और शोधों के बाद लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठने लगा है — क्या इंस्टेंट ब्लैक कॉफी पीने से कैंसर होता है?
कई लोगों ने यह भी सुना है कि कॉफी में मौजूद कुछ तत्व शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। वहीं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट यानी पाचन तंत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सच्चाई उतनी सरल नहीं जितनी दिखाई देती है। यह जानना जरूरी है कि जोखिम किस स्तर पर होता है और वास्तव में कितना सेवन नुकसानदेह माना जाता है।
इस लेख में हम वैज्ञानिक तथ्यों, विशेषज्ञों की राय और वास्तविकता के आधार पर विस्तार से समझेंगे कि इंस्टेंट ब्लैक कॉफी और कैंसर के बीच क्या संबंध है। अगर आप रोज कॉफी पीते हैं या पीने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इंस्टेंट ब्लैक कॉफी से क्या होता है?
इंस्टेंट ब्लैक कॉफी मूल रूप से कॉफी बीन्स से तैयार की जाती है। इसे सुखाकर पाउडर या दानेदार रूप दिया जाता है ताकि इसे जल्दी बनाया जा सके। इसमें मुख्य रूप से कैफीन, एंटीऑक्सीडेंट और कुछ प्राकृतिक रसायन होते हैं।
कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि कई शोधों में कॉफी को कुछ बीमारियों के जोखिम को कम करने वाला भी बताया गया है। लेकिन कुछ स्थितियों में अधिक मात्रा में सेवन करने से समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कैंसर से जुड़ी चिंता क्यों उठी?
कुछ साल पहले एक रसायन पर चर्चा हुई जिसे एक्रिलामाइड कहा जाता है। यह पदार्थ कुछ खाद्य पदार्थों को उच्च तापमान पर पकाने के दौरान बन सकता है। इंस्टेंट कॉफी में भी इसकी थोड़ी मात्रा पाई जा सकती है।
यही वह कारण था जिसने लोगों को चिंतित किया। कुछ अध्ययनों में उच्च मात्रा में एक्रिलामाइड को पशुओं में कैंसर से जोड़ा गया। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है — यह प्रभाव अत्यधिक मात्रा में पाया गया, जो सामान्य मानव सेवन से कहीं ज्यादा था।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट का कहना है कि हानिकारक स्तर तक पहुंचने के लिए व्यक्ति को अत्यधिक और अवास्तविक मात्रा में कॉफी पीनी पड़ेगी। सामान्य सेवन से ऐसा खतरा नहीं देखा गया है।
वैज्ञानिक शोध क्या कहते हैं?
विश्व स्तर पर कई स्वास्थ्य संगठनों ने कॉफी पर विस्तृत अध्ययन किए हैं। कई शोधों में पाया गया कि सीमित मात्रा में कॉफी पीना सुरक्षित है। कुछ अध्ययनों में तो यह भी सामने आया कि कॉफी कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है।
हालांकि यह भी सच है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। इसलिए संतुलन ही सबसे बड़ा नियम है।
कितनी मात्रा सुरक्षित मानी जाती है?
विशेषज्ञों के अनुसार दिन में सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी पीना सुरक्षित माना जाता है। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 2 से 3 कप कॉफी लेना जोखिमपूर्ण नहीं माना गया है।
समस्या तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में कैफीन लेने लगता है। इससे अनिद्रा, घबराहट, पेट में जलन और रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पाचन तंत्र पर प्रभाव
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट बताते हैं कि ब्लैक कॉफी अम्लीय होती है। खाली पेट अधिक मात्रा में लेने से पेट में जलन या अम्लता की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए।
लेकिन कैंसर का सीधा संबंध सामान्य सेवन से नहीं जोड़ा गया है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
गर्भवती महिलाएं, उच्च रक्तचाप के रोगी और गंभीर पाचन समस्या वाले लोगों को कॉफी सीमित मात्रा में लेनी चाहिए। किसी भी तरह की असुविधा होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
क्या इंस्टेंट कॉफी और सामान्य कॉफी में फर्क है?
इंस्टेंट कॉफी और ताजी बनी कॉफी में पोषण संबंधी अंतर बहुत कम होता है। इंस्टेंट कॉफी में एक्रिलामाइड की मात्रा थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन यह स्तर सामान्य सेवन में जोखिमपूर्ण नहीं माना गया है।
डर और वास्तविकता के बीच अंतर
अक्सर स्वास्थ्य से जुड़ी खबरें आधी जानकारी के साथ फैल जाती हैं। “कैंसर” शब्द सुनते ही लोग डर जाते हैं। लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों को समझे बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि सामान्य मात्रा में इंस्टेंट ब्लैक कॉफी पीना कैंसर का सीधा कारण नहीं है।
क्या करें और क्या न करें
कॉफी का सेवन संतुलित रखें। खाली पेट अधिक मात्रा में न लें। शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। अगर कोई समस्या हो तो विशेषज्ञ से सलाह लें।
निष्कर्ष
इंस्टेंट ब्लैक कॉफी को लेकर जो डर फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह तथ्यों पर आधारित नहीं है। वैज्ञानिक शोध और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की राय के अनुसार सामान्य मात्रा में इसका सेवन सुरक्षित माना जाता है।
किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह कॉफी का भी संतुलित सेवन ही सही रास्ता है। हानिकारक स्तर तक पहुंचने के लिए असामान्य मात्रा में सेवन करना पड़ेगा, जो व्यवहारिक जीवन में संभव नहीं है।
डर के बजाय जानकारी को प्राथमिकता दें। समझदारी से लिया गया निर्णय ही आपके स्वास्थ्य की रक्षा करता है।
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