कोटा उपभोक्ता अदालत में सलमान ने लिखित जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने कोटा की उपभोक्ता अदालत में चल रहे पान मसाला विज्ञापन विवाद में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्होंने न तो किसी पान मसाले और न ही गुटखा उत्पाद का विज्ञापन किया है। सलमान ने अदालत में लिखित रूप से जवाब देकर साफ कहा कि जिस विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा किया गया है, उसमें उनकी भूमिका केवल "चांदी वाली इलायची" के प्रचार तक ही सीमित थी। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि उनके दस्तावेज़ों पर किए गए हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि किसी भी तरह की गलतफ़हमी दूर हो सके।

विवाद उस विज्ञापन से शुरू हुआ था, जिसमें "केसर वाली इलायची" और "केसर वाला पान मसाला" दोनों उत्पाद स्क्रीन पर दिखाई दिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह का विज्ञापन उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है और उत्पाद की वास्तविकता को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। उसका कहना है कि इतने कम कीमत वाले पैकेट में असली केसर होना संभव ही नहीं है, लेकिन विज्ञापन में उसे इस तरह दिखाया गया जैसे असली केसर का उपयोग किया गया हो। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस गुमराह करने वाली प्रस्तुति में सलमान खान भी शामिल हैं क्योंकि विज्ञापन में उनका चेहरा इस्तेमाल हुआ है।

सलमान खान की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में साफ कहा गया है कि यह मामला उपभोक्ता अदालत के दायरे में आता ही नहीं है, क्योंकि वे न तो किसी कंपनी के मालिक हैं और न ही उत्पाद का निर्माण या बिक्री करते हैं। उनका कहना है कि महज एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में विज्ञापन करना किसी भी तरह से उन्हें कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं बनाता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले में शामिल किया जाना गलत है, क्योंकि विज्ञापन की सामग्री, पैकेजिंग या उसमें किए गए किसी भी दावे पर उनका कोई नियंत्रण नहीं होता।

शिकायतकर्ता, हालांकि, सलमान के इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुआ है। उसका कहना है कि अदालत में जमा किए गए दस्तावेज़ों पर जो हस्ताक्षर सलमान खान के नाम से दर्शाए गए हैं, वे उन्हें असली प्रतीत नहीं होते। उसने अदालत से अनुरोध किया है कि सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया जाए ताकि उनके हस्ताक्षरों की सीधी तुलना कर जांच की जा सके। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि जब तक हस्ताक्षरों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक सलमान के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

अब अदालत को दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए आगे की कार्रवाई तय करनी है। एक ओर सलमान खान यह साबित करने की कोशिश में हैं कि उन्होंने केवल इलायची उत्पाद का ही प्रचार किया था और उन्हें पान मसाले या गुटखे से जोड़ना अनुचित है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता यह मानने को तैयार नहीं है कि विज्ञापन में दिखाई गई प्रस्तुति मात्र संयोग थी।

इस मामले ने एक बार फिर मशहूर सितारों की ब्रांड प्रमोशन से जुड़ी नैतिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं। उपभोक्ता अदालत में आने वाला यह मामला सिर्फ एक विज्ञापन विवाद नहीं, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि किसी उत्पाद की मार्केटिंग में सितारों की भूमिका की सीमाएं आखिरकार तय कैसे हों।

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