विक्की कौशल की ‘छावा’ पर बोले ए आर रहमान, कहा- यह एक बांटने वाली फिल्म है
विक्की कौशल स्टारर की फिल्म ‘छावा’ ने साल 2025 में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी और एक ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर भी साबित हुई थी। इस फिल्म ने मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज और मुगल शासक औरंगजेब के चित्रण को लेकर तीखी बहस भी छेड़ दी जिससे महाराष्ट्र में हुई हिंसा की जिम्मेदार भी बताया गया था। अब फिल्म की रिलीज के कई महीनों बाद इसके संगीतकार ए आर रहमान ने इस विवाद पर खुलकर अपनी बात रखते हुए यह बात मानी है कि यह फिल्म दर्शकों को बांटने वाली साबित हुई।
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महाराष्ट्र में हुआ था विवाद
थिएटर में शानदार कमाई के बाद ‘छावा’ महाराष्ट्र में यह फिल्म विवादों की रीढ़ बन गई। नागपुर समेत कई इलाकों में हिंसा और अशांति की खबरें लगातार सामने आई थीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस हिंसा को फिल्म में औरंगजेब के चित्रण को लेकर जनता के गुस्से से जोड़ा था। अब ए आर रहमान के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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“छावा बांटने वाली फिल्म है” – ए आर रहमान
बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में जब ए आर रहमान से पूछा गया कि क्या ‘छावा’ एक डिवाइडिंग फिल्म है, तो उन्होंने कहा,
“हां, छावा बांटने वाली फिल्म है। मुझे लगता है कि इसने विभाजन को भुनाया है, लेकिन इसका मकसद बहादुरी को दिखाना है। इसका क्लाइमेक्स देखने लायक है। लोग समझदार होते हैं। क्या आपको लगता है कि लोग फिल्मों से पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगे? लोगों के अंदर जमीर होता है, जो सच और चालबाजी में फर्क कर सकता है। ‘छावा’ सबसे ज्यादा सेलिब्रेट की जाने वाली फिल्मों में से एक है और मुझे इसका संगीत देने का सौभाग्य मिला, जिस पर मुझे गर्व है। यह हर मराठा की धड़कन और आत्मा को दर्शाती है। कुछ फिल्में गलत नीयत से बनाई जाती हैं और मैं उनसे दूर रहना चाहता हूं।”
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बॉलीवुड में काम न मिलने पर भी बोले रहमान
हाल ही में ए आर रहमान ने यह भी कहा था कि बॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति की वजह से उन्हें पिछले 8 सालों से ज्यादा काम नहीं मिला है। गौरतलब है कि ए आर रहमान का जन्म 1967 में मद्रास में दिलीप कुमार राजगोपाला के नाम से हुआ था। बाद में 1989 में उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था।
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