विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025: रुज्दी का छठा शॉट पुट स्वर्ण, नासिमा सैफी और रोमली ने भी रचा इतिहास

नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जारी विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में रविवार का दिन कई ऐतिहासिक पलों का साक्षी बना। बुल्गारिया के दिग्गज पैरा एथलीट रुज्दी ने पुरुषों की शॉट पुट एफ55 स्पर्धा में 12.94 मीटर की थ्रो के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया और लगातार छठा स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। यह उपलब्धि न केवल पैरा खेलों के इतिहास में एक अनूठा अध्याय जोड़ती है बल्कि रुज्दी के अदम्य साहस और लगन की मिसाल भी है।


रुज्दी का दबदबा और नया विश्व रिकॉर्ड

34 वर्षीय रुज्दी ने अंतिम प्रयास में लोहे की गेंद को 12.94 मीटर तक फेंककर अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इससे पहले उन्होंने 2023 में पेरिस में आयोजित चैंपियनशिप में 12.69 मीटर की दूरी तय की थी। इस तरह उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए तीसरी बार विश्व रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।

सर्बिया के नेबोजसा ड्यूरिक ने भी जोरदार प्रदर्शन किया और छह बार 12 मीटर से अधिक की दूरी फेंकी। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 12.52 मीटर रहा, लेकिन रुज्दी ने उनसे पाँच बार बेहतर प्रदर्शन कर यह दिखा दिया कि उनकी बादशाहत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।


मुश्किल हालातों से बने चैंपियन

रुज्दी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। एक कार दुर्घटना के बाद वे कमर से नीचे लकवाग्रस्त हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2015 दोहा विश्व चैंपियनशिप से शुरुआत करते हुए उन्होंने हर संस्करण में स्वर्ण पदक जीतकर अपने संकल्प और अदम्य साहस का परिचय दिया। उनकी निरंतरता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स में किंवदंती बना दिया है।

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अब्दुल लतीफ रोमली की लंबी कूद में हैट्रिक

मलेशिया के अब्दुल लतीफ रोमली ने पुरुषों की लंबी कूद टी20 स्पर्धा में 7.67 मीटर की छलांग लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में हैट्रिक पूरी की।

28 वर्षीय रोमली के लिए यह जीत एक बार फिर साबित करती है कि वे इस स्पर्धा के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने अब तक इस प्रतियोगिता में पाँच स्वर्ण और एक रजत पदक जीते हैं। उन्हें केवल एक बार, 2019 दुबई विश्व चैंपियनशिप में हार का सामना करना पड़ा था।


यूक्रेन के पोनोमारेंको का दबदबा

पुरुषों की शॉट पुट टी12 स्पर्धा में यूक्रेन के वोलोडिमिर पोनोमारेंको ने अपने दूसरे प्रयास में 17.39 मीटर की थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने मुकाबले की दिशा शुरुआत में ही तय कर दी थी।

लातविया के एमिल्स डिजिलना ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए दो बार 16 मीटर से अधिक दूरी तय की और सर्वश्रेष्ठ 16.63 मीटर का थ्रो किया। बावजूद इसके वे पोनोमारेंको को स्वर्ण पदक से वंचित नहीं कर सके।

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नासिमा सैफी का दोहरी हैट्रिक

महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ57 स्पर्धा में भारत की नासिमा सैफी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने लगातार छठी बार इस प्रतियोगिता में सोना हासिल किया और दोहरी हैट्रिक पूरी की।

उनके सभी वैध थ्रो 32 मीटर से अधिक रहे, जिससे उनका दबदबा साफ दिखा। चीन की तियान युक्सिन ने 30.30 मीटर की दूरी तय कर रजत पदक जीता, लेकिन सैफी की चुनौती का सामना नहीं कर पाईं।


कैथरीन डेब्रनर का कमाल

स्विट्जरलैंड की कैथरीन डेब्रनर ने महिलाओं की 5000 मीटर टी54 रेस में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने 3 किमी के बाद ही बढ़त बना ली और अंत तक अपना वर्चस्व बनाए रखा। इस जीत के साथ 30 वर्षीय डेब्रनर ने इस स्पर्धा में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने गत चैंपियन चीन की तियान याजुआन और अपनी ही टीम की साथी पेट्रीसिया ईचस को पीछे छोड़ा।


ऐतिहासिक दिन, अद्भुत प्रदर्शन

विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का रविवार का सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। रुज्दी, रोमली, पोनोमारेंको, नासिमा सैफी और डेब्रनर जैसे खिलाड़ियों ने दिखाया कि कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद संकल्प और मेहनत से असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

इनकी उपलब्धियाँ न केवल खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ तय करती हैं, बल्कि लाखों दिव्यांग और सामान्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।