August 30, 2025 6:36 AM

उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी ने भरा नामांकन, खरगे और सोनिया गांधी रहे साथ

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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने भरा नामांकन, खरगे-सोनिया गांधी रहे मौजूद

नई दिल्ली। आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करते समय विपक्षी खेमे की एकजुटता साफ दिखाई दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस संसदीय दल के कई नेता और अन्य विपक्षी दलों के दिग्गज इस अवसर पर मौजूद रहे।

नामांकन के समय विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन

बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन को विपक्ष ने महज एक औपचारिक प्रक्रिया न मानते हुए अपनी एकता का बड़ा प्रदर्शन बना दिया। संसद के केंद्रीय कक्ष में खरगे के साथ पहुंचे रेड्डी का स्वागत सोनिया गांधी समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने किया। इस दौरान विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विचार रखे। विपक्ष ने साफ संकेत दिया कि यह चुनाव केवल एक संवैधानिक पद के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा और मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ा जा रहा है।

खरगे का तीखा हमला: “यह वैचारिक लड़ाई है”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नामांकन से पहले कहा, “बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार हैं। यह उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ एक पद के लिए नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा के लिए वैचारिक लड़ाई है। सत्ता पक्ष ने जहां आरएसएस की विचारधारा को चुना है, वहीं हम संविधान और उसके मूल्यों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।”
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि संसद अब सत्तारूढ़ दल की विचारधारा को आगे बढ़ाने का उपकरण बन गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज लगातार दबाई जा रही है और कई अहम विधेयक बिना उचित बहस-विचार के पारित किए जा रहे हैं।

विपक्ष की एकता पर जोर

बैठक के दौरान शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी तीखा बयान देते हुए कहा, “हमारे पास सुदर्शन हैं, इसलिए कौरवों (एनडीए) की हार निश्चित है।” उनका यह बयान विपक्ष की आक्रामक रणनीति को स्पष्ट करता है। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मौके पर विपक्षी दलों को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने हाल ही में अपनी बिहार यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि रेड्डी की उम्मीदवारी विपक्षी एकता की जीत की नींव बनेगी।

चुनाव से पहले मॉक पोल का ऐलान

विपक्षी गठबंधन ने चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए 8 सितंबर को मॉक पोल आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस अभ्यास का उद्देश्य गठबंधन के सभी सांसदों और सदस्यों को मतदान की प्रक्रिया से अवगत कराना है, ताकि वास्तविक चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत गलती न हो। यह कदम विपक्ष की गंभीरता और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।

रेड्डी की उम्मीदवारी का राजनीतिक महत्व

बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी को विपक्ष ने सोच-समझकर आगे बढ़ाया है। एक ओर जहां उनकी सादगी और साफ-सुथरी छवि विपक्ष के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, वहीं यह संदेश भी जाता है कि विपक्ष किसी व्यक्ति विशेष की राजनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चुनाव लड़ रहा है। रेड्डी को संविधान विशेषज्ञ और समाजसेवी नेता के रूप में भी जाना जाता है, जिसकी वजह से विपक्ष उनकी छवि को जनता के बीच एक “जनप्रिय और ईमानदार उम्मीदवार” के रूप में पेश करना चाहता है।

चुनाव का सियासी परिदृश्य

हालांकि संख्याबल के लिहाज से सत्ता पक्ष यानी एनडीए को बढ़त हासिल है, लेकिन विपक्ष ने इस चुनाव को सीधे वैचारिक लड़ाई में बदल दिया है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि यदि वे जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रख पाए, तो यह चुनाव केवल संख्या का खेल न होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक बन सकता है।

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 अब महज एक संवैधानिक प्रक्रिया न होकर सत्ता और विपक्ष के बीच संवैधानिक मूल्यों बनाम वैचारिक वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले चुका है। विपक्ष ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। आने वाले दिनों में यह चुनाव भारतीय राजनीति में एक बड़ा विमर्श खड़ा कर सकता है।



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