विरार में इमारत हादसा: 17 की मौत, 9 घायल, बिल्डर गिरफ्तार
मुंबई। पालघर जिले के विरार में मंगलवार रात हुई इमारत हादसे की त्रासदी गुरुवार को और गहरी हो गई। रमाबाई बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से पूरी चाल ध्वस्त हो गई और मृतकों की संख्या 17 हो गई। इस हादसे में नौ लोगों को बचाया गया है और उनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दी मदद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घटना के लिए जिम्मेदार बिल्डर को विरार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

हादसे का विवरण
विरार के विजय नगर में स्थित रमाबाई बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से पास की चाल पूरी तरह ध्वस्त हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) की टीम और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
राहत कार्य और खोज जारी
दो दिन के लगातार खोजबीन और मलबे हटाने की कोशिशों के दौरान, दोपहर में मलबे से दो और शव निकाले गए, जिससे मृतकों की संख्या 17 हो गई। बचाए गए नौ लोगों का इलाज विभिन्न नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।

जन्मदिन की पार्टी पर टूटा कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय चौथी मंजिल पर एक साल की बच्ची की जन्मदिन पार्टी चल रही थी। इसी दौरान बिल्डिंग का एक हिस्सा ढह गया, जिससे 12 फ्लैटों में रहने वाले लोग और मेहमान मलबे में दब गए। मृतकों में जन्मदिन मना रही बच्ची और उसकी मां भी शामिल हैं।
प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी इंतजाम
वीवीएमसी के सहायक आयुक्त गिलसन गोंसाल्वेस ने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों को चंदनसर समाज मंदिर में अस्थायी रूप से रखा गया है। उन्हें खाने-पीने, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

बिल्डर और कानूनी कार्रवाई
घटना के लिए जिम्मेदार बिल्डर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा मानकों और निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, कई पुराने और कमजोर निर्माणों में ऐसी घटनाओं की संभावना रहती है, खासकर भारी वर्षा या निर्माण दोष के समय।
हादसे के पीछे संभावित कारण
- भवन निर्माण में कच्चा माल और तकनीकी मानकों की कमी।
- इमारत की उम्र और रख-रखाव में उपेक्षा।
- भारी वर्षा और मौसम की स्थिति के कारण संरचना पर दबाव।
राहत और बचाव कार्य
- NDRF और वीवीएमसी की टीम लगातार मलबे हटाने और खोजबीन में लगी हुई है।
- बचाव कार्य में सुरक्षा जवान, डॉक्टर और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ शामिल हैं।
- प्रभावितों को अस्थायी आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।
स्थानीय समुदाय और समर्थन
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी राहत कार्य में भाग लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए कपड़े, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई।
विरार का यह हादसा भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर चेतावनी है। मृतकों की संख्या बढ़ने और परिवारों की कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य और आर्थिक सहायता का निर्णय लिया। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और जांच पूरी होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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