अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार देर रात अलास्का में हुई मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। दोनों नेताओं ने करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में वार्ता की, लेकिन इसके बाद मीडिया को दी गई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस मात्र 12 मिनट तक चली। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार को सवाल पूछने का मौका नहीं दिया गया।

बैठक में क्या हुआ?
बैठक के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों को संक्षिप्त बयान देते हुए कहा कि वार्ता काफी सकारात्मक और रचनात्मक रही। उन्होंने कहा कि “कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। डील तभी होगी जब उसे पूरी तरह अंतिम रूप दिया जाएगा।” ट्रम्प ने इस मुलाकात को 10 में से 10 अंक दिए।

वहीं पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रूस की सुरक्षा है। उन्होंने भविष्य की वार्ता के लिए मॉस्को में अगली बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। बयान देने के तुरंत बाद दोनों नेता मंच से उठकर चले गए।

ट्रम्प–पुतिन प्रेस ब्रीफिंग की 5 अहम बातें
- वार्ता की सामग्री सार्वजनिक नहीं – तीन घंटे की चर्चा का ब्योरा साझा नहीं किया गया।
- सवाल-जवाब नहीं – 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को सवाल पूछने का अवसर नहीं मिला।
- ट्रम्प का रुख – उन्होंने बैठक को सकारात्मक बताया लेकिन अंतिम डील से इनकार किया।
- पुतिन का बयान – यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी “असल वजहों को खत्म करने” पर जोर दिया।
- पुतिन का संकेत – उनका कहना था कि यदि 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते तो शायद यूक्रेन युद्ध ही नहीं होता।
#WATCH | Alaska, USA | "Next time in Moscow," says Russian President Vladimir Putin as US President Trump thanks his counterpart for today's meeting.
— ANI (@ANI) August 15, 2025
"… I could see it happening," replies President Trump.
Source: The White House/ YouTube pic.twitter.com/N3U6Rygllj
जेलेंस्की से ट्रम्प की बातचीत
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अलास्का से वाशिंगटन लौटते समय राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से लंबी बातचीत की। हालांकि, जेलेंस्की ने अब तक ट्रम्प–पुतिन मुलाकात पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
इसके अलावा ट्रम्प ने फोन पर नाटो नेताओं से भी बातचीत की। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प का बयान साझा किया, जिसमें लिखा गया कि “आज की बैठक बेहद उपयोगी रही, हमने कई मुद्दों पर सहमति बनाई है और बेहतरीन प्रगति की है।”
सुरक्षा इंतजाम और F-22 की तैनाती
पुतिन जब अलास्का से रवाना हुए, तो उनके विमान के साथ अमेरिका का सबसे आधुनिक F-22 रैप्टर फाइटर जेट रूस की सीमा तक छो़ड़ने गया। पांचवीं पीढ़ी का यह स्टील्थ लड़ाकू विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता रखता है। इसे दुनिया के सबसे उन्नत युद्धक विमानों में गिना जाता है।

यूक्रेनी सांसद का आरोप
इस मुलाकात के बाद यूक्रेन में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। यूक्रेन की संसदीय विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ओलेक्सांद्र मेरेज्को ने ट्रम्प पर भेदभाव का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ट्रम्प ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि फरवरी में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान वे काफी आक्रामक थे।
मेरेज्को ने BBC से कहा कि यह यूक्रेन के लिए झटका है। “अमेरिका हमारा सहयोगी है और पुतिन एक दुश्मन हैं, एक तानाशाह हैं। फिर भी अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे हाथ मिला रहे हैं, जबकि हाल ही में रूसी हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो चुकी है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें सिर्फ खुद पर ही भरोसा करना होगा।

आगे की राह
ट्रम्प और पुतिन की मुलाकात से भले ही कोई औपचारिक समझौता न हुआ हो, लेकिन यह संकेत जरूर मिल रहे हैं कि दोनों देश किसी न किसी रूप में संवाद की राह खोलना चाहते हैं। अब निगाहें मॉस्को में संभावित अगली बैठक पर होंगी। क्या यह मुलाकात यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम साबित होगी या सिर्फ राजनीतिक संदेश? इसका जवाब आने वाले समय में मिलेगा।
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