बजट सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने विकास, सुधार और वैश्विक अवसरों पर रखा जोर

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की कार्यशैली और दीर्घकालिक विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की पहचान हमेशा से रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है। उन्होंने कहा कि अब देश “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ चुका है और यह सत्र 21वीं सदी के अगले महत्वपूर्ण चरण की दिशा तय करने वाला साबित होगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए जो अपेक्षाएं व्यक्त की गई हैं, सांसद उन्हें गंभीरता से लेकर जनहित में कार्य करेंगे।

2047 के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक 25 वर्षों की शुरुआत

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण शुरू हो रहा है। यह वही दौर है जिसमें वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य साकार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्ष देश के लिए बेहद अहम हैं और इसी दौरान ऐसे फैसले लेने होंगे जो आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का हर निर्णय देश की प्रगति को केंद्र में रखकर लिया जाता है और योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।

ह्यूमन सेंट्रिक विकास और समाधान आधारित सोच पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां पूरी तरह मानव केंद्रित हैं। टेक्नोलॉजी को अपनाने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत और विशाल जनसंख्या संरचना से आज पूरी दुनिया को बड़ी उम्मीदें हैं। वैश्विक मंच पर भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है, जो व्यवधान पैदा करने के बजाय समाधान देने में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि आज समय है साहस के साथ निर्णय लेने का, न कि बाधाओं के नाम पर रुक जाने का।

यूरोपीय यूनियन का बाजार खुलना, भारतीय उद्योग के लिए बड़ा अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मैन्यूफैक्चररों को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय यूनियन का विशाल बाजार अब भारत के लिए खुल गया है। इससे भारतीय उत्पाद कम लागत में यूरोप तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि इसका अधिकतम लाभ तभी मिलेगा जब भारतीय उद्योग गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ यूरोपीय बाजार में प्रवेश किया गया, तो वहां के 27 देशों के उपभोक्ताओं का भरोसा लंबे समय तक जीता जा सकता है।

क्वालिटी से बनेगा भारत का वैश्विक ब्रांड

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल व्यापार बढ़ाने का नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक ब्रांड छवि को मजबूत करने का भी अवसर है। जब भारतीय कंपनियों का नाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बनेगा, तो उसका लाभ दशकों तक देश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों का ब्रांड जब देश के ब्रांड से जुड़ता है, तो वह भारत की साख को नई ऊंचाई देता है।

बजट सत्र सकारात्मक माहौल में शुरू, आत्मविश्वास से भरा भारत

प्रधानमंत्री ने बजट सत्र को लेकर कहा कि देश का ध्यान बजट पर होना स्वाभाविक है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि सत्र सकारात्मक माहौल में शुरू हुआ है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करेंगी। यह अपने आप में सरकार की स्थिरता और निरंतरता को दर्शाता है।

भारत बना आशा की किरण और वैश्विक आकर्षण का केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और पूरी दुनिया के लिए आशा की किरण तथा आकर्षण का केंद्र बन चुका है। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए समझौते से नए अवसर पैदा हुए हैं और उन्हें भुनाने की जिम्मेदारी अब देश के उद्योग जगत की है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय मैन्यूफैक्चरर अपनी क्षमताओं का विस्तार कर इस मौके का पूरा लाभ उठाएंगे और देश को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाएंगे।