2.7 से 3.8 के बीच रही तीव्रता, नुकसान नहीं लेकिन लोगों में बड़े भूकंप की आशंका

राजकोट। गुजरात के राजकोट जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान भूकंप के लगातार झटकों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बीते 12 घंटे के भीतर कुल 7 बार धरती कांपी, हालांकि सभी झटके हल्के दर्ज किए गए और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद बार-बार आ रहे झटकों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.7 से 3.8 के बीच रही। भूकंप का केंद्र उपलेटा से लगभग 28 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तीव्रता के झटकों से आमतौर पर संरचनात्मक नुकसान नहीं होता, लेकिन लगातार कंपन से लोगों में भय स्वाभाविक है।

शुक्रवार सुबह बार-बार हिली धरती

अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह भूकंप के झटकों का सिलसिला तेज रहा। पहला झटका सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। इसके बाद सुबह 6:55 बजे दूसरा और 6:58 बजे तीसरा झटका आया। कुछ ही मिनटों के अंतराल पर सुबह 7:10 बजे पांचवां, 7:13 बजे छठवां और 7:33 बजे सातवां झटका महसूस किया गया। इससे पहले गुरुवार रात 8:43 बजे भी हल्का भूकंप दर्ज किया गया था।

नुकसान नहीं, लेकिन सतर्कता बढ़ाई गई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल को सतर्क कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को अनावश्यक घबराहट से बचने की सलाह दी गई है।

स्कूलों में छुट्टी, अभिभावकों में राहत

लगातार झटकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आसपास के स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सावधानी के तौर पर लिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को जोखिम न उठाना पड़े। कई अभिभावकों ने इस फैसले को राहत देने वाला बताया है।

लोगों में बड़े भूकंप की आशंका

हालांकि झटके हल्के रहे, लेकिन बार-बार धरती हिलने से आम लोगों में बड़े भूकंप की आशंका बैठ गई है। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे झटके कई बार भूगर्भीय तनाव के निकलने का संकेत होते हैं, लेकिन भविष्य में किसी बड़े भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। आपदा प्रबंधन से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।