उत्तर भारत में मौसम का दोहरा रूप: मैदानी इलाकों में गर्मी, पहाड़ों में बर्फबारी
जयपुर/देहरादून। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का दोहरा असर साफ दिखाई दे रहा है। एक ओर राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, वहीं उत्तराखंड और सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है। बदलते मौसम के इस स्वरूप ने आम जनजीवन और पर्यटन गतिविधियों दोनों को प्रभावित किया है।
राजस्थान में लगातार दूसरे दिन दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में सबसे अधिक 36.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी जयपुर सहित कई शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने दोपहर के समय लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह की गर्मी ने मौसम के रुख को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है, जिससे दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सुबह और शाम की ठंडक अब कम होने लगी है।
मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मी, 28 जिलों में 30 डिग्री से अधिक तापमान
मध्य प्रदेश में भी गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। बुधवार को राज्य के 28 जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में दोपहर के समय तेज धूप ने लोगों को परेशान किया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 2 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है। यदि यह सिस्टम प्रभावी रहता है तो तापमान में अस्थायी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कृषि क्षेत्र में भी तापमान वृद्धि का असर देखा जा रहा है। गेहूं और चने की फसलों पर गर्मी का दबाव बढ़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ी है। कृषि वैज्ञानिकों ने सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में बर्फबारी, पंचाचूली क्षेत्र में हल्की हिमपात
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का बिल्कुल अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ जिले के प्रसिद्ध पंचाचूली पर्वत शृंखला सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड का असर बढ़ गया।
स्थानीय प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सड़कों पर जमी बर्फ के कारण फिसलन की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

सिक्किम में सैकड़ों वाहन फंसे, हजारों पर्यटक प्रभावित
सिक्किम में लगातार बर्फबारी के कारण हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। यहां 2,736 पर्यटकों को लेकर जा रही कुल 541 पर्यटक गाड़ियां बर्फ में फंस गईं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया है।
पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़कों को साफ करने का प्रयास जारी है। अधिकारियों के अनुसार मौसम साफ होने के बाद ही यातायात सामान्य हो पाएगा।
मौसम के बदलते रुख पर नजर
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के इस विपरीत स्वरूप ने संकेत दिया है कि जलवायु में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। एक ओर जहां राजस्थान और मध्य प्रदेश में गर्मी समय से पहले दस्तक दे रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने की बात कही है। 2 मार्च से सक्रिय होने वाले नए सिस्टम के बाद मैदानी इलाकों में हल्की राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अनुरूप सावधानी बरतें। मैदानी क्षेत्रों में दोपहर के समय धूप से बचाव और पर्याप्त पानी का सेवन जरूरी है, वहीं पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान सतर्कता और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक है।
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/26/garmi-2026-02-26-11-58-37.jpg)