विश्व नेताओं में सबसे आगे, इंस्टाग्राम पर भी 100 मिलियन फॉलोअर्स का रिकॉर्ड
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर 30 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ वे यूट्यूब पर सबसे अधिक सब्सक्राइबर वाले विश्व नेता बन गए हैं।
रैंकिंग के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इस श्रेणी में अन्य वैश्विक नेताओं से काफी आगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, उनके सब्सक्राइबर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सात गुना से अधिक बताए जा रहे हैं।
वैश्विक नेताओं में सबसे आगे
प्रधानमंत्री मोदी के बाद दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो हैं, जिनके सब्सक्राइबर प्रधानमंत्री मोदी की तुलना में लगभग एक-चौथाई हैं। डिजिटल लोकप्रियता के मामले में मोदी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
भारत के भीतर भी प्रधानमंत्री मोदी के सब्सक्राइबर अन्य प्रमुख राजनीतिक नेताओं से काफी अधिक हैं। बताया गया है कि उनके यूट्यूब सब्सक्राइबर राहुल गांधी से लगभग तीन गुना और आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस के आधिकारिक चैनलों से चार गुना से अधिक हैं।
इंस्टाग्राम पर भी रिकॉर्ड
यूट्यूब के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर भी 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा करने वाले वे पहले विश्व नेता और राजनेता बने हैं। वे वर्ष 2014 में इस मंच से जुड़े थे और तब से उनकी डिजिटल उपस्थिति लगातार मजबूत होती गई है।
इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स की संख्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोगुनी से अधिक बताई जा रही है। ट्रंप लगभग 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
अन्य विश्व नेताओं की स्थिति
प्रधानमंत्री मोदी के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के लगभग 15 मिलियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के 14.4 मिलियन, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के 11.6 मिलियन और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के 6.4 मिलियन फॉलोअर्स बताए गए हैं।
भारत के भीतर इंस्टाग्राम पर दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जिनके लगभग 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उनके बाद राहुल गांधी का स्थान है, जिनके लगभग 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
डिजिटल कूटनीति और जनसंपर्क
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल मंचों का प्रभावी उपयोग कर सीधे जनता तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति अपनाई है। यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर सक्रिय उपस्थिति ने उनकी पहुंच को वैश्विक स्तर पर विस्तारित किया है। डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती लोकप्रियता यह संकेत देती है कि राजनीतिक संचार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और सोशल मीडिया अब नेतृत्व की पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है।
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