उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बढ़ती मौसमी चुनौतियां

नई दिल्ली/श्रीनगर: उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर, बर्फबारी, बारिश, घने कोहरे और ओलावृष्टि की चपेट में है। जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। पहाड़ी इलाकों में जहां बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में ठंड, कोहरा और अचानक बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले चार दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिससे नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौसम और अधिक खराब होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर में शून्य से नीचे तापमान, जनजीवन प्रभावित

जम्मू-कश्मीर में सर्दी का प्रकोप चरम पर है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग में रविवार को तापमान माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। राजधानी श्रीनगर में पारा माइनस 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि शोपियां में माइनस 6.7 डिग्री और पहलगाम में माइनस 6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार गिरते तापमान के कारण पानी की पाइपलाइनें जम गई हैं, झीलों पर बर्फ की मोटी परत जमने लगी है और सुबह-शाम सड़कें फिसलन भरी हो रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की चादर

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। राज्य के कई हिस्सों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। हमीरपुर में तापमान 2.1 डिग्री, ऊना में 2.7 डिग्री और मंडी में 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते किसानों की फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं, जबकि पर्यटक स्थलों पर ठंड के कारण आवाजाही कम हो गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है। 

श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे, सोनमर्ग सबसे  ठंडा

पंजाब और हरियाणा में शीतलहर, कोहरा बना आफत

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सर्दी के साथ घना कोहरा लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। पंजाब के अमृतसर में तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हलवारा में सुबह से विजिबिलिटी लगभग शून्य रही, जिससे सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों के परिचालन में देरी देखने को मिली।

उत्तर प्रदेश में अचानक बदला मौसम, बारिश और ओलावृष्टि

उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी लखनऊ और बाराबंकी समेत कई जिलों में सोमवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई। अलीगढ़ में ओलावृष्टि की खबर सामने आई है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम में इस अचानक बदलाव से ठंड और बढ़ गई है, वहीं ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले मजदूरों की परेशानी भी बढ़ी है।

दिल्ली और राजस्थान में भी ठंड का असर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी ठंड और कोहरे का असर बना हुआ है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं राजस्थान के कई जिलों में भी सर्द हवाओं के साथ कोहरा छाया हुआ है। कोटपूतली और टोंक जैसे जिलों में दृश्यता कम होने की वजह से सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है। 

सर्द हवाओं से दिल्ली-NCR में बढ़ी ठिठुरन, यूपी-बिहार में कोहरे का अलर्ट,  श्रीनगर में माइनस 5.1 पहुंचा तापमान - weather update north india winter  forecast imd delhi ncr to ...

पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी मुश्किलें

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं। पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं और बादलों का एक मौसमीय तंत्र होता है, जिसके सक्रिय होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। 23 जनवरी से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है। इस दौरान तापमान में और गिरावट आएगी, पाला पड़ने की संभावना बढ़ेगी और कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।

छह जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 22 जनवरी से छह जिलों में आंधी और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस सप्ताह प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा भी बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखें।

प्रशासन और जनता के लिए चुनौतीपूर्ण हालात

लगातार बिगड़ते मौसम ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फ हटाने, सड़कों को खोलने और बिजली-पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त संसाधन लगाने पड़ रहे हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और ठंड से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों को अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए बेहद संवेदनशील रहेंगे और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए।