पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में बदला मौसम, पहाड़ों में ठंड बढ़ी, मैदानी इलाकों में बारिश और कोहरे का अलर्ट 

नई दिल्ली/जयपुर/देहरादून। देश के उत्तरी हिस्सों में मौसम का मिजाज मंगलवार को भी बदला-बदला नजर आया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहले ही कई राज्यों में ठंड, कोहरा और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट के आसार बने हुए हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात और खेती पर भी असर पड़ सकता है।

राजस्थान में 5 दिन बाद आंधी-बारिश की चेतावनी

राजस्थान में मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में अगले पांच दिनों के भीतर आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्से घने कोहरे की चपेट में हैं। सुबह के समय विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे के कारण जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनूं और भरतपुर जैसे जिलों में यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के पूरी तरह सक्रिय होते ही बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश के 10 शहरों में घना कोहरा, ताजमहल धुंध में छिपा

उत्तर प्रदेश में भी सर्दी का असर बरकरार है। प्रदेश के कम से कम 10 शहरों में आज भी घना कोहरा छाया रहा। आगरा में सुबह के समय ताजमहल पूरी तरह धुंध में छिपा नजर आया, जिससे पर्यटकों को काफी परेशानी हुई। लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत पांच शहरों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अलीगढ़ और लखीमपुर खीरी में एक दिन पहले ओलावृष्टि की खबर सामने आई थी। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही सुबह और रात के समय घने कोहरे का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई गई है। 

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उत्तराखंड के पहाड़ों में कड़ाके की ठंड, औली में माइनस 8 डिग्री

उत्तराखंड में सर्दी अपने चरम पर पहुंच गई है। पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान इतना गिर गया है कि नदी-नाले और झरने जम चुके हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में न्यूनतम तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ठंड के कारण पानी की पाइपलाइन और खुले बर्तन में रखा पानी जमने लगा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के आने से पहले ही शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ दरअसल पश्चिम से आने वाली ठंडी हवा और बादलों का एक सिस्टम है, जो उत्तर भारत के मौसम को सीधे प्रभावित करता है। इसके सक्रिय होते ही पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट, पाला पड़ने और शीतलहर जैसे हालात बनने की संभावना बढ़ जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड और बढ़ सकती है।

जनजीवन और कृषि पर असर की आशंका

मौसम के इस बदले मिजाज का असर जनजीवन के साथ-साथ कृषि पर भी पड़ सकता है। घने कोहरे से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।