कश्मीर–हिमाचल में पारा माइनस, उत्तर भारत घने कोहरे की चपेट में
नई दिल्ली। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब पूरे उत्तर भारत में साफ दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत मैदानी इलाकों में गलन भरी ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। पश्चिमी हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते तापमान तेजी से गिरा है और कई राज्यों में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। घना से बेहद घना कोहरा उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर और पश्चिम से पूर्वी राज्यों तक छाया हुआ है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिन तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।
उत्तराखंड में नदियां-नाले जमे
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में तापमान शून्य से 11–12 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया है। पाले की मोटी परत जमने से नदियां, नाले और झरने बर्फ में तब्दील हो गए हैं। केदारनाथ धाम की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढकी हुई हैं। भागीरथी नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है, जबकि केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला पूरी तरह जम चुके हैं। गंगोत्री में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पाले को आग से पिघलाकर व्यवस्था की जा रही है।
कश्मीर में रिकॉर्ड ठंड, गुलमर्ग सबसे सर्द
कश्मीर घाटी में रात का तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। रविवार को गुलमर्ग सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री और अधिकतम 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शोपियां जिले में तापमान गिरने से जलस्रोत जम गए हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह तापमान में तीन डिग्री तक और गिरावट आ सकती है।
हिमाचल में नाको झील जमी, बर्फबारी का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाया है। किन्नौर जिले की नाको झील पूरी तरह जम गई है और पर्यटक झील पर स्केटिंग करते नजर आए। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि शिमला में यह 3.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में भारी हिमपात हुआ है और पूरी घाटी बर्फ से ढक गई है।
यूपी और राजस्थान शीतलहर की चपेट में
उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड और शीतलहर का असर बना हुआ है। प्रयागराज और अयोध्या में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जबकि वाराणसी में शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। आगरा और कानपुर में दृश्यता शून्य मीटर तक दर्ज की गई। फतेहगढ़ में दृश्यता 20 मीटर, अयोध्या, लखनऊ और बहराइच में 50 मीटर रही। कानपुर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पंजाब में भी बढ़ी ठंड, उड़ानें प्रभावित
पंजाब में भी ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। रविवार को अधिकतम तापमान औसतन 2.1 डिग्री सेल्सियस गिर गया और सामान्य से 4.1 डिग्री नीचे पहुंच गया। अमृतसर में शीत दिवस की स्थिति रही और बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य रिकॉर्ड की गई। एसबीएस नगर में दृश्यता 50 मीटर और गुरदासपुर में 200 मीटर रही। कोहरे के कारण अमृतसर हवाईअड्डे पर कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कुछ विमानों को दूसरे शहरों में डायवर्ट किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सात दिनों तक घने कोहरे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक उत्तर भारत और उससे सटे मध्य भारत के कई हिस्सों में रात और सुबह के समय बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है। 5 से 10 जनवरी के बीच पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान तथा 6–7 जनवरी के दौरान झारखंड में भी शीतलहर की आशंका जताई गई है। पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी घना कोहरा देखा गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और कोहरे के इस दौर में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अनावश्यक यात्रा से बचें और सुबह-शाम बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें।
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