वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, हिमाचल और उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट से बढ़ी ठंड

नई दिल्ली/जयपुर। देश के पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार आज से उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है, जिसके असर से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के कुल 27 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान और हरियाणा में बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 15 जिलों, राजस्थान और हरियाणा के 6-6 जिलों में आज और आने वाले एक-दो दिनों में बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि ओलावृष्टि की संभावना से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में आज बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 से 24 जनवरी के बीच यहां तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। लगातार बर्फबारी के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। 

India capital Delhi enjoys unusual hail storm

उत्तराखंड में माइनस तापमान, झरना जमा

उत्तराखंड के पांच जिलों में आज और कल बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है। चमोली जिले के वाण गांव में ठंड का असर इस कदर दिखा कि एक झरना पूरी तरह जम गया। पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 

अगले सात दिन भारी, दो पश्चिमी विक्षोभ होंगे सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले सात दिनों के दौरान लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है। बारिश और बर्फबारी के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

क्या है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पश्चिम दिशा से आने वाली हवा और बादलों का एक मौसमी सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। इसके साथ ही ठंडी हवाओं के कारण तापमान गिरता है, पाला पड़ने और कोल्डवेव जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर ज्यादा व्यापक हो सकता है।

ठंड और खराब मौसम से बढ़ी सतर्कता

बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की चेतावनी के चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं मैदानी इलाकों में ठंड और तेज हवाओं से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है।