पहाड़ से मैदान तक कड़ाके की ठंड, कई राज्यों में चेतावनी

नई दिल्ली/देहरादून । उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप एक बार फिर तेज हो गया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फीली हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि मैदानी राज्यों में कोहरा और शीतलहर जैसी परिस्थितियां लोगों के लिए चुनौती बन रही हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

पिथौरागढ़ में जमा देने वाली ठंड

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सर्दी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे कम तापमानों में गिना जा रहा है। बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में पानी के स्रोत जमने लगे हैं और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन रही है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की अपील की है।

राजस्थान में भी बढ़ी ठिठुरन

राजस्थान, जिसे आमतौर पर गर्म जलवायु के लिए जाना जाता है, वहां भी सर्दी ने लोगों को हैरान कर दिया है। दस से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। पिछले चौबीस घंटों में फतेहपुर और पाली सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान क्रमशः 4.9 और 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे की हल्की परत और ठंडी हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया।

ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लिया जा रहा है, जबकि शहरों में सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखी जा रही है। ठंड बढ़ने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ कम हो गई है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे की मार

मैदानी क्षेत्रों में सबसे बड़ी परेशानी घने कोहरे को लेकर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के उन्नीस और बिहार के पांच जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। कोहरे के कारण कई स्थानों पर ट्रेनें देरी से चल रही हैं और बस सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

अगले कुछ दिनों में और बदलाव के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 9 से 11 फरवरी के बीच उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा 10 फरवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इलाकों में तेज हवाओं के साथ वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

लगातार बदलते मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ठंड से बचाव, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। प्रशासन भी राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा में जुटा हुआ है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।