उत्तर भारत में शीतलहर से जनजीवन प्रभावित, उत्तराखंड के दो जिलों में स्कूल बंद
नई दिल्ली/श्रीनगर/जयपुर। उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान लगातार गिर रहा है और शीतलहर के चलते हालात और कठोर होते जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
कश्मीर में जमाव बिंदु से नीचे तापमान, डल झील जमी
कश्मीर घाटी में कई दिनों से न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। बुधवार को श्रीनगर में मंगलवार रात न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण ठंड के कारण प्रसिद्ध डल झील पूरी तरह जम गई है। इसके अलावा घाटी के कई अन्य जल स्रोतों में भी पानी जम गया है। स्थानीय लोगों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जल आपूर्ति और यातायात पर भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है।
राजस्थान में माइनस तापमान, माउंट आबू सबसे ठंडा
कश्मीर के साथ-साथ राजस्थान में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ ठंडक दिखाई है। राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में बुधवार को न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सीकर जिले के फतेहपुर में तापमान 0.2 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा और गलन देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 19 जनवरी से हल्की बारिश की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
हरियाणा में शीतलहर, हिसार में टूटा दो साल का रिकॉर्ड
पहााड़ों से आ रही सर्द हवाओं का असर हरियाणा में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के आठ जिलों में बुधवार को तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। हिसार में सर्दी ने पिछले दो वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 15 जनवरी 2025 को तापमान 3.5 डिग्री और 16 दिसंबर 2024 को 1.1 डिग्री तक पहुंचा था। गलन भरी ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
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उत्तराखंड में स्कूल बंद, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
भीषण ठंड को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में गुरुवार को कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
वहीं, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में नदियों और झरनों का पानी जमने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड से बढ़ी मुश्किलें, सतर्क रहने की अपील
उत्तर भारत में लगातार गिरते तापमान ने गरीब, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष जोखिम पैदा कर दिया है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।
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