दो दिन की राजकीय यात्रा पर इजराइल पहुंचे प्रधानमंत्री, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
तेल अवीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की राजकीय यात्रा पर इजराइल पहुंचे, जहां उनका अभूतपूर्व और गर्मजोशी भरा स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू स्वयं उपस्थित रहे। यह स्वागत केवल औपचारिक नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक भी माना गया।
इजराइल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सीधे इजराइली संसद नेसेट पहुंचे, जहां उन्होंने सांसदों को संबोधित किया। इस दौरान उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया। यह सम्मान किसी विदेशी नेता को दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इससे भारत-इजराइल संबंधों की प्रगाढ़ता स्पष्ट झलकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इजराइल पर हुए हमास के हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का शत्रु है और निर्दोष लोगों पर हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ इजराइल के साथ खड़ा है और वैश्विक स्तर पर आतंक के खिलाफ एकजुटता जरूरी है।
אתמול בירושלים , רוה"מ נתניהו ואני ביקרנו בתערוכה שהציגה מוצרי חדשנות מיוחדים מעולם הטכנולוגיה . קיבלתי הצצה לעבודות חלוציות של ישראלים צעירים בתחומי ה AI, קוונטום, בריאות, ביטחון סייבר, מקורות מים, חקלאות ועוד. עודדתי את החברות הישראליות להשקיע בהודו ולעבוד בשיתוף עם הצעירים… pic.twitter.com/qt1I4of4Z7
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
नेसेट में गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे, पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने
प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास रचते हुए नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री का गौरव प्राप्त किया। संसद में उनके पहुंचते ही सांसदों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। सदन में ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी गूंजे, जो इस बात का संकेत थे कि इजराइल की राजनीतिक बिरादरी में उनके प्रति विशेष सम्मान है।
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी को “एशिया का शेर” और “दुनिया का सम्मानित नेता” बताते हुए कहा कि मोदी उनके लिए भाई जैसे हैं और उनके दिल में उनके लिए विशेष स्थान है। इस बयान ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों की गहराई को भी उजागर किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत और इजराइल के बीच साझा मूल्यों—लोकतंत्र, नवाचार और सुरक्षा—का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश कठिन परिस्थितियों से उभरकर मजबूत लोकतंत्र बने हैं और विज्ञान, कृषि, जल प्रबंधन तथा रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।
आतंकवाद पर सख्त संदेश और रणनीतिक साझेदारी की मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी प्रकार का दोहरापन नहीं होना चाहिए। उन्होंने हमास के हमले को अमानवीय बताते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमले सभ्य समाज के मूल्यों के खिलाफ हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत ने हमेशा संतुलित और सिद्धांत आधारित विदेश नीति अपनाई है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी नीति स्पष्ट और कठोर रही है।
इजराइल के साथ भारत के संबंध पिछले वर्षों में रक्षा, प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्र में तेजी से मजबूत हुए हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान ड्रोन खरीद सहित कई महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद राजकीय यात्रा पर इजराइल पहुंचे हैं। यह यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
Yesterday in Jerusalem, PM Netanyahu and I visited an exhibition which showcased special innovations from the world of technology. Got a glimpse of pioneering work by Israeli youth in areas such as AI, Quantum, healthcare, cyber security, water resources, agriculture and more.… pic.twitter.com/xNdJxcGKS2
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
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