दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में लुधियाना से पकड़ा गया बन्धु मान सिंह सेखों, कनाडा से भारत तक फैला नेटवर्क बेनकाब

नई दिल्ली, 28 नवंबर (हि.स.)। कनाडा के सरे शहर में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं की गुत्थी अब सुलझती नज़र आ रही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता बन्धु मान सिंह सेखों को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 24-25 नवंबर की रात एक विशेष, सटीक और गुप्त ऑपरेशन के दौरान की गई, जिसमें पुलिस टीम ने अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम उठाया है।

गिरफ्तार आरोपित सेखों के पास से चीन निर्मित सेमी-ऑटोमैटिक पीएक्स-3 पिस्टल और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक फ़ॉर्च्यूनर कार भी जब्त की गई है। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि आरोपित भारत लौटने के बाद भी सक्रिय आपराधिक गतिविधियों में शामिल था।

कैसे खुली गिरफ्तारी की कड़ियाँ

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर मान सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम की टीम को जानकारी मिली थी कि कपिल शर्मा कैफे फायरिंग केस का ‘मास्टरमाइंड’ भारत में ही छिपा हुआ है। इससे पहले इस नेटवर्क के दो सक्रिय सदस्य—मंदीप सिंह और दलविंदर कुमार—को भी रोहिणी से गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से आठ विदेशी पिस्टल और 84 कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन हथियारों में से एक पिस्टल बन्धु मान सिंह सेखों को भेजा गया था।

इसी सूत्र से जुड़कर पुलिस टीम ने कई दिनों तक तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया नेटवर्क की मदद से सेखों के ठिकानों की पड़ताल की और अंततः उसे लुधियाना से दबोच लिया।

कनाडा में तीन बार हुई फायरिंग, तीन गैंग शामिल

जांच में सामने आया कि जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच कनाडा के सरे शहर में कपिल कैफे पर लगातार तीन बार फायरिंग हुई थी।

10 जुलाई 2025: पहली फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर हरजीत सिंह लड्डी ने ली।

7 अगस्त 2025: दूसरी फायरिंग का दावा गोल्डी ढिल्लों और कुलवीर सिद्धू ने किया।

16 अक्टूबर 2025: तीसरी वारदात में भी वही दोनों गैंगस्टर शामिल थे।

हालांकि इन घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन बार-बार की फायरिंग ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। कैफे को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा और कपिल शर्मा के स्टाफ को सुरक्षा लेकर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कनाडा से भारत तक फैला आपराधिक नेटवर्क

सेखों 2023 में रोजगार वीजा पर कनाडा गया था, लेकिन वहां जाकर वह गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़ गया। वह गिरोह को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने, हथियार उपलब्ध कराने और नए सदस्यों को जोड़ने का काम करता था। कनाडा पुलिस द्वारा बढ़ी सख्ती को देखते हुए वह 23 अगस्त 2025 को भारत भाग आया और पंजाब में छिपकर रह रहा था।

उसके खिलाफ कनाडा में अवैध हथियार, आपराधिक साजिश और अवैध कमाई से जुड़ी संपत्ति रखने जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पंजाब में भी उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला है।

हैरी चट्ठा गैंग से भी जुड़ाव

जांच में यह भी सामने आया है कि सेखों का पहले हैरी चट्ठा गैंग से भी संपर्क था। इसी गैंग के निर्देशों पर कनाडा और अमेरिका में रहने वाले भारतीय व्यापारियों से रंगदारी वसूली की साजिश रची जा रही थी।
हैरानी की बात यह है कि हैरी चट्ठा गैंग का सरगना अब आतंकी गतिविधियों में शामिल है और पाकिस्तान-आईएसआई के लिए काम कर रहा है। वह इस समय पाकिस्तान में रह रहा है और वहीं से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है।

क्राइम ब्रांच की अगली कार्रवाई

दिल्ली पुलिस अब:

सेखों से बरामद मोबाइल, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और संपर्कों की जांच कर रही है।

भारत में उसकी गतिविधियों और उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

इस नेटवर्क के हथियार सप्लाई चैन और धन प्रवाह को भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस का फोकस यह समझने पर है कि क्या कपिल कैफे पर फायरिंग रंगदारी वसूली का हिस्सा थी या किसी बड़े गैंग-वार का अंश।

फिलहाल सेखों की गिरफ्तारी इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उजागर करने में अहम कड़ी साबित हो रही है।

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