पहाड़ों में जमा पानी, मैदानी इलाकों में कोहरे से हादसे; उत्तर से मध्य भारत तक ठंड का व्यापक असर
नई दिल्ली। देश के उत्तरी हिस्सों में एक बार फिर भीषण ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रहने के कारण यातायात बाधित हुआ और कई स्थानों पर हादसों की स्थिति बनी। वहीं, पहाड़ी राज्यों में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी ने हालात और भी गंभीर कर दिए हैं।
कालापानी में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, आंखों का पानी तक जम रहा
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत, नेपाल और चीन सीमा के पास स्थित कालापानी क्षेत्र में तापमान माइनस 35 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इतनी भीषण ठंड में कुछ ही देर खुले में खड़े रहने पर आंखों में आंसू तक जम जा रहे हैं। हालात इतने कठिन हैं कि नदियां, नाले और झरने पूरी तरह जम चुके हैं। यहां तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान विशेष प्रकार के चश्मे पहनकर चीन सीमा पर गश्त कर रहे हैं ताकि तेज बर्फीली हवाओं और बर्फ की चमक से आंखों को सुरक्षित रखा जा सके। 23 जनवरी के बाद हुई लगातार भारी बर्फबारी के चलते इलाके में नलों और प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी जम चुका है। जवानों को पीने के पानी और भोजन बनाने के लिए बर्फ को पिघलाना पड़ रहा है। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां राहत और सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में चिल्लई कलां खत्म, लेकिन ठंड का असर बरकरार
जम्मू-कश्मीर में सर्दी का सबसे कठोर 40 दिनों का दौर, जिसे स्थानीय भाषा में चिल्लई कलां कहा जाता है, 30 जनवरी को समाप्त हो गया है। इसके बाद कुछ इलाकों में रात के न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रीनगर में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से बढ़कर 1.30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह माइनस 0.6 डिग्री था। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड का असर अब भी कायम है और लोग अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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मैदानी इलाकों में कोहरे का कहर, दृश्यता 10 मीटर तक सिमटी
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, गाजियाबाद समेत करीब 30 जिले घने कोहरे की चपेट में हैं। कई स्थानों पर दृश्यता मात्र 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण टक्कर, 11 वाहन आपस में भिड़े
घने कोहरे का सबसे गंभीर असर सड़क हादसों के रूप में सामने आया। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सुबह करीब 6 बजे नंगली गेट के पास एक के बाद एक 11 वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में 4 पिकअप वाहन, 5 कार और 2 ट्रक शामिल थे। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम होने से ड्राइवर एक-दूसरे को समय पर नहीं देख पाए, जिससे यह बड़ी टक्कर हुई। राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली, लेकिन कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।
ठंड और कोहरे से प्रशासन अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के कई हिस्सों में कोहरा बने रहने और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और कोहरे में फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की है। साथ ही, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत में ठंड की यह नई लहर साफ संकेत दे रही है कि सर्दी अभी पूरी तरह विदा नहीं हुई है और आने वाले कुछ दिन लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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