विदेश मंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष के वॉकआउट को बताया गैर-जिम्मेदाराना, कहा- देशहित के मुद्दों से बचता है विपक्ष

नई दिल्ली। राज्यसभा में विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर के भाषण के दौरान विपक्ष के वॉकआउट को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष केवल ओछी राजनीति को आगे बढ़ाने में लगा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी राजनीति कभी सफल नहीं हो सकती।

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते उनकी रणनीति सफल नहीं होगी और समय के साथ सदन में उनकी संख्या भी घटती जाएगी। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बताया।

विपक्ष पर लगाया हुड़दंग का आरोप

राज्यसभा में बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष की रुचि न तो देशहित में है और न ही गंभीर चर्चा में। उनका कहना था कि विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन में हंगामा करना और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना है।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया था, लेकिन उन्होंने मूल विषय से हटकर अन्य मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी। नड्डा के अनुसार विपक्ष को पहले से ही पता था कि विदेश मंत्री जयशंकर इन मुद्दों पर जवाब देंगे, फिर भी उन्होंने चर्चा से दूरी बना ली।

कई उदाहरण देकर साधा निशाना

जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कई उदाहरण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि हाल ही में एसआईआर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सदन में लगभग 18 घंटे तक चर्चा भी चली। लेकिन जब सत्ता पक्ष की ओर से जवाब देने का समय आया तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

उन्होंने कहा कि यही स्थिति अंतरिक्ष कार्यक्रम पर हुई चर्चा के दौरान भी देखने को मिली। नड्डा के अनुसार विपक्ष ने उस चर्चा में भाग ही नहीं लिया और महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर बहस से दूरी बनाए रखी।

ऑपरेशन सिंदूर का भी दिया उदाहरण

नड्डा ने अपने वक्तव्य में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर भी सदन में जोरदार विरोध किया था। इस विषय पर लगभग 16 घंटे तक बहस चली, लेकिन जब गृह मंत्री की ओर से जवाब देने का समय आया तो विपक्ष सदन से बाहर चला गया।

उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पेश किए जाने के समय भी विपक्ष ने वॉकआउट किया था। उनके अनुसार यह घटनाएं दर्शाती हैं कि विपक्ष की रुचि देशहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने में नहीं है।

विदेश मंत्री ने दी थी स्थिति की जानकारी

इससे पहले विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जयशंकर ने बताया कि अब तक लगभग 67 हजार भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से वापस लौट चुके हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया में रह रहे अन्य भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।