अरब सागर में सक्रिय एंटी साइक्लोन सिस्टम से तेजी से बढ़ा तापमान, कई शहरों में पारा 40 डिग्री के करीब
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में लंबे समय से सक्रिय एंटी साइक्लोन प्रणाली के कारण उत्तर और पश्चिम भारत के कई राज्यों में समय से पहले गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और मध्यप्रदेश समेत कई मैदानी राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में ही कई शहरों में तापमान 35 डिग्री से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले तीन से चार दिनों में कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार भी जा सकता है।
गुजरात और राजस्थान में लू चलने की संभावना
मौसम विभाग ने गुजरात में शनिवार को लू चलने की संभावना जताई है। राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। राजस्थान के कई जिलों में भी हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी भारत में उच्च दबाव की स्थिति बनने के कारण बादलों की गतिविधि कम हो गई है। इसके कारण सूर्य की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
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मध्यप्रदेश और हरियाणा में भी बढ़ रही गर्मी
मध्यप्रदेश और हरियाणा में भी मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम की यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में इन राज्यों में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
हिमाचल में गर्मी के साथ बर्फबारी की भी संभावना
हिमाचल प्रदेश में एक ओर जहां मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने से हीटवेव की स्थिति बन सकती है, वहीं ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल रहा है। निचले इलाकों में तापमान सामान्य से ज्यादा है, जबकि ऊंचे इलाकों में अभी भी ठंड का असर बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और बर्फबारी के आसार
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काइमेट के अनुसार 7 से 11 मार्च के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
इस प्रणाली के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि मैदानी इलाकों में गर्मी का असर फिलहाल बना रहने की संभावना जताई जा रही है।
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मार्च में ही बढ़ने लगी गर्मी चिंता का कारण
मार्च के शुरुआती दिनों में ही कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ना मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय बन रहा है। सामान्यतः अप्रैल के आसपास ही कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचता है, लेकिन इस बार मार्च में ही ऐसा होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम चक्र और जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है।
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