पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कोलकाता और नई दिल्ली में अहम मंथन 

कोलकाता। भारतीय निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक शुरू कर रहा है। सोमवार और मंगलवार को आयोजित होने वाली इन बैठकों का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद की स्थिति तथा सुरक्षा प्रबंधों की व्यापक समीक्षा करना है, ताकि चुनावी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके।

राज्य में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर बूथ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और कर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दों पर गहन तैयारी शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।

मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा

बैठक का एक प्रमुख एजेंडा विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्राप्त आपत्तियों और दावों की समीक्षा करना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए नामों को छोड़कर अंतिम मतदाता सूची पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है। अब आयोग उन मामलों की प्रगति का आकलन करेगा, जो न्यायिक अधिकारियों के पास विचाराधीन हैं।

सूत्रों के अनुसार लगभग 60 लाख मतदाताओं से जुड़े दस्तावेजी मामलों की जांच प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से वंचित न रहे और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया विधिसम्मत ढंग से पूरी हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर

मंगलवार को होने वाली बैठक का दूसरा चरण नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से आयोजित होगा। इसमें आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य के नोडल पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा तथा जांच एजेंसियों के समन्वय अधिकारी भाग लेंगे।

इस चरण में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रभावी उपयोग, राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय, संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंध, तथा चुनाव के दौरान धन, शराब और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती और अंतर-राज्यीय सीमाओं से सटे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर रहेगा, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। आयोग यह भी समीक्षा करेगा कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण, संचार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया दल की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

प्रशासनिक तैयारियों का मूल्यांकन

निर्वाचन आयोग बूथ स्तर की तैयारियों, मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण, इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों और मतदाता सत्यापन पर्ची प्रणाली की उपलब्धता तथा परिवहन व्यवस्था की भी समीक्षा करेगा। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती पर भी विचार किया जाएगा।

आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, हिंसा या दबाव की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को पहले ही सतर्क रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव की तैयारी

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता और सुरक्षा प्रबंधन चुनाव की विश्वसनीयता की आधारशिला हैं। इसलिए हर स्तर पर निगरानी और समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।

राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने के बीच यह दो दिवसीय समीक्षा बैठक चुनावी तैयारियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयोग का प्रयास है कि सभी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।