नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक गंभीर कर दिए हैं। लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियाह इलाके में इजरायल ने हिजबुल्लाह के कथित ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार हमलों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। कई स्कूलों में कक्षाएं रोक दी गई हैं, क्योंकि वहां बेघर परिवारों को अस्थायी आश्रय दिया जा रहा है।

हिजबुल्लाह ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद संघर्ष में सक्रिय भूमिका का संकेत दिया था। बीते दिनों इजरायल के भीतर धमाकों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी हिस्सों को निशाना बनाया। इजरायली पक्ष का कहना है कि कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई, जबकि लेबनान में मानवीय संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। 

LEBANON-IRAN-ISRAEL-US-WAR-BROADCASTER

बहरीन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने मंगलवार सुबह बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। दावे के अनुसार 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे बेस के मुख्य कमांड ढांचे और ईंधन भंडारण क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। बहरीन या अमेरिकी पक्ष की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही पाया जाता है तो यह खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के दायरे के और विस्तार का संकेत होगा। बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में मौजूद सैन्य प्रतिष्ठान पहले से ही उच्च सतर्कता पर बताए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय अस्थिरता और मानवीय चिंता

बेरूत में दहियाह पर हुए हमलों के बाद हजारों लोगों के घर छोड़ने की खबरें हैं। स्कूलों और सामुदायिक भवनों को राहत केंद्रों में बदला जा रहा है। मानवीय एजेंसियां संभावित विस्थापन और बुनियादी सेवाओं पर दबाव को लेकर चिंता जता रही हैं।

दूसरी ओर, ईरान ने सात देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग देशों की ओर से अलग-अलग समय पर हो रही है या खंडित की जा रही है, जिससे सूचना-परिदृश्य भी जटिल बना हुआ है।

वैश्विक असर की आशंका

मिडिल ईस्ट में बढ़ता टकराव ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और वैश्विक बाजारों पर असर डाल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपीलें तेज हुई हैं।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। बेरूत में हमले, बहरीन में एयरबेस पर दावे और इजरायल-ईरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को अनिश्चितता के दौर में डाल दिया है। आगे की दिशा सैन्य घटनाक्रम और कूटनीतिक पहल पर निर्भर करेगी।