युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार का निरंतर प्रयास

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअली आयोजित 18वें रोजगार मेले में देशभर के युवाओं को 61 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि देश के युवाओं को नए अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। यह रोजगार मेला देश के 45 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार रोजगार सृजन को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री द्वारा जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, उनकी नियुक्ति गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग समेत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में की गई है। यह नियुक्तियां केवल रोजगार का साधन नहीं हैं, बल्कि युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा का अवसर भी हैं, जहां वे देश की प्रशासनिक और विकासात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।

युवाओं को अवसर देना सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है और यह युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की नीतियां और योजनाएं इसी सोच के साथ तैयार की जा रही हैं कि युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि रोजगार मेला केवल सरकारी नौकरी देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह युवाओं को देश की सेवा से जोड़ने का माध्यम है।

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि बीते वर्षों में भारत में स्टार्टअप संस्कृति को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। आज देशभर में हजारों स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। कई स्टार्टअप ऐसे हैं, जहां महिलाएं डायरेक्टर या प्रमुख पदों पर कार्य कर रही हैं। महिला स्वरोजगार की दर में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि देश में महिलाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप संस्कृति

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का मजबूत संकेत है। स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर असर डाल रही हैं। महिलाओं के नेतृत्व में चल रहे स्टार्टअप न केवल रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि समाज में एक नई सोच और आत्मविश्वास भी विकसित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना ही विकसित भारत की नींव है। जब युवा आत्मनिर्भर होंगे और महिलाएं नेतृत्व करेंगी, तभी देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा।

यह केवल नौकरी नहीं, राष्ट्र सेवा का अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष अक्टूबर में आयोजित 17वें रोजगार मेले के दौरान उन्होंने कहा था कि सरकारी नौकरी केवल वेतन और सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र सेवा का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा था कि भारत की विदेश नीति से लेकर आंतरिक नीतियों तक, हर निर्णय में युवाओं के हितों को केंद्र में रखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रतिभा सेतु पोर्टल का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से उन युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं, जो यूपीएससी की अंतिम सूची तक पहुंचे लेकिन चयनित नहीं हो सके। ऐसे युवाओं की मेहनत और प्रतिभा अब व्यर्थ नहीं जाएगी। निजी और सार्वजनिक संस्थान इस पोर्टल के जरिए योग्य उम्मीदवारों को आमंत्रित कर सकते हैं, उनका साक्षात्कार ले सकते हैं और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान कर सकते हैं। यह पहल युवाओं की प्रतिभा के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी रोजगार मेला योजना

रोजगार मेला योजना की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को की गई थी। उस समय प्रधानमंत्री ने यह लक्ष्य रखा था कि वर्ष 2023 के अंत तक देश के युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। नवंबर 2023 तक आयोजित 11 रोजगार मेलों में 7 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके थे। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख से अधिक हो गया, जो सरकार के लक्ष्य से भी आगे है।

लोकसभा चुनाव से पहले 12 फरवरी 2024 को आयोजित 12वें रोजगार मेले में सबसे अधिक 1 लाख नियुक्ति पत्र बांटे गए थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि सरकार रोजगार सृजन को लेकर लगातार सक्रिय रही है और विभिन्न माध्यमों से युवाओं को अवसर देने का प्रयास कर रही है।

सरकारी प्रयास और युवाओं की उम्मीदें

18वें रोजगार मेले के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया गया है कि सरकार युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को गंभीरता से ले रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, समयबद्ध प्रक्रिया और व्यापक स्तर पर आयोजन ने युवाओं के बीच विश्वास को मजबूत किया है। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में मिली नियुक्तियां न केवल युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेंगी, बल्कि सरकारी तंत्र को भी नई ऊर्जा और दक्षता प्रदान करेंगी।

युवाओं का मानना है कि इस तरह के रोजगार मेले उन्हें सीधे सरकार से जुड़ने और अपने करियर को एक ठोस दिशा देने का अवसर देते हैं। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर हो रही ये नियुक्तियां देश की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी सहायक साबित होंगी।