August 30, 2025 7:19 PM

तहव्वुर राणा को परिवार से बातचीत की इजाजत, कोर्ट का आदेश

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तहव्वुर राणा को कोर्ट से राहत, परिवार से बातचीत की मिली अनुमति

नई दिल्ली। मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों के आरोपित और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपने परिवार से बातचीत की अनुमति दे दी है। विशेष न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने यह अनुमति जेल अधिकारियों की निगरानी में बातचीत के लिए दी है। इससे पहले भी 9 जून को अदालत ने राणा को इसी शर्त पर परिवार से संवाद की अनुमति दी थी।

तिहाड़ जेल प्रशासन ने अदालत में इस मांग का विरोध किया था कि तहव्वुर राणा को नियमित रूप से अपने परिवार से बात करने की अनुमति न दी जाए। हालांकि, अदालत ने विचार-विमर्श के बाद एक बार फिर राणा को परिवार से बातचीत करने की इजाजत दी है।

अमेरिका से भारत लाया गया था राणा

एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर राणा को दिल्ली के पालम स्थित वायुसेना अड्डे पर अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाने के बाद गिरफ्तार किया था। इससे पहले अमेरिका की सर्वोच्च न्यायालय ने राणा की प्रत्यर्पण रोकने की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों की एक टीम उसे लाने के लिए अमेरिका गई थी।

डेविड हेडली का करीबी और सहयोगी

तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है। डेविड हेडली और तहव्वुर राणा दोनों पाकिस्तान के एक ही सैनिक स्कूल में पढ़े थे और बचपन से मित्र रहे हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, राणा ने मुंबई में एक एजेंसी की स्थापना की थी, जिसका उपयोग डेविड हेडली ने भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए किया। यही एजेंसी हेडली की जासूसी और हमलों की योजना तैयार करने में मददगार साबित हुई थी।

मुंबई हमलों की भयावहता

गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने समुद्री मार्ग से मुंबई पहुंचकर coordinated (समन्वित) आतंकी हमले किए थे, जिसमें 166 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। यह हमला देश के इतिहास में सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में से एक माना जाता है।

एनआईए की अगली कार्रवाई

एनआईए अब तहव्वुर राणा से पूछताछ की अगली प्रक्रिया की तैयारी में जुटी है। एजेंसी का मानना है कि राणा से पूछताछ के जरिए 26/11 हमलों से जुड़े कई और गहरे राज़ सामने आ सकते हैं। विशेष रूप से, पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क, उनके भारत में स्लीपर सेल्स और विदेशी संपर्कों को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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