भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी भी 100 अंक गिरा
नई दिल्ली। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की और दिनभर के कारोबार में गिरावट का माहौल बना रहा। सेंसेक्स 400 अंकों की गिरावट के साथ 80,600 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 100 अंक लुढ़ककर 24,600 के स्तर पर आ गया। ये गिरावट ऐसे समय में आई है जब कल सोमवार को बाजार ने अच्छी तेजी के साथ सप्ताह की शुरुआत की थी।
सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, अधिकांश शेयर दबाव में
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जबकि केवल 8 शेयरों में हल्की तेजी बनी रही। इंफोसिस, अडाणी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसे दिग्गज शेयरों में लगभग 1.5% तक की गिरावट रही। दूसरी ओर SBI, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल जैसे शेयरों ने थोड़ी बहुत मजबूती दिखाई लेकिन ये बाजार की समग्र कमजोरी को संभाल नहीं सके।

इसी तरह, निफ्टी के 50 शेयरों में से 34 लाल निशान में बंद हुए, जबकि केवल 16 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। पूरे दिन के कारोबार में बिकवाली का दबाव अधिकतर सेक्टर्स पर हावी रहा।
सेक्टोरल फ्रंट पर सब लाल निशान में
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें खासतौर पर ऑयल एंड गैस, रियल एस्टेट, आईटी, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। इसका असर निफ्टी और सेंसेक्स दोनों सूचकांकों पर साफ देखा गया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां पर मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.63% की गिरावट के साथ 40,544 पर बंद हुआ जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.07% की बढ़त के साथ 3,181 पर कारोबार करता नजर आया।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.12% की मामूली तेजी के साथ 24,763 पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.53% बढ़कर 3,602 के स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिका में तेजी, फिर भी भारत में गिरावट
अमेरिकी बाजारों में सोमवार को अच्छी तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 1.34% चढ़कर 44,174, नैस्डेक कंपोजिट 1.95% बढ़कर 21,054 और S\&P 500 इंडेक्स 1.47% की तेजी के साथ 6,330 पर बंद हुआ। इसके बावजूद भारतीय बाजारों में गिरावट यह दर्शाती है कि घरेलू कारकों ने आज की कमजोरी में बड़ी भूमिका निभाई।
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, घरेलू निवेशकों का सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 4 अगस्त को कैश सेगमेंट में कुल 2,566.51 करोड़ रुपए की बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 4,386.29 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की।
अगर जुलाई महीने की बात करें तो FIIs ने कुल 47,666.68 करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे, जबकि DIIs ने इसी अवधि में 60,939.16 करोड़ रुपए की भारी भरकम खरीदारी की। जून महीने में FII की स्थिति कुछ अलग थी, जब उन्होंने 7,488.98 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की थी और DIIs ने 72,673.91 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। इन आंकड़ों से साफ है कि घरेलू निवेशकों की सहभागिता के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार को दबाव में ला रही है।
सोमवार को बाजार में जोरदार तेजी रही
इसके पहले सोमवार, 4 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 419 अंक की बढ़त के साथ 81,019 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 157 अंकों की छलांग के साथ 24,723 पर बंद हुआ था।
इस दौरान सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी और केवल 4 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी। टाटा स्टील, BEL और अडाणी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 1% से 4% तक की तेजी रही थी। वहीं, पावर ग्रिड, HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे शेयरों में गिरावट आई थी।
निफ्टी के 50 में से 43 शेयर हरे निशान में बंद हुए थे और अधिकांश सेक्टर्स में तेजी देखी गई थी। FMCG को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त में रहे। निफ्टी मेटल में 2.48%, रियल्टी में 1.77%, ऑटो में 1.61%, IT में 1.60%, मीडिया में 1.51% और PSU बैंकिंग में 1.26% की तेजी रही थी।
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत तेजी से जरूर की थी लेकिन दूसरे ही दिन बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली और सेक्टोरल कमजोरी का दबाव हावी हो गया। एशियाई और अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेतों के बावजूद घरेलू स्तर पर गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली रही। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का रुख जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाजार में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
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