सामाजिक माध्यम पोस्ट से मचा सियासी भूचाल

गुवाहाटी, 09 फरवरी। असम की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सामाजिक माध्यम पर एक पोस्ट साझा करते हुए भारत को अस्थिर करने की कथित वैश्विक साजिश का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के बयान ने राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस को जन्म दे दिया है। राजनीतिक दलों के बीच प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया और मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।

गौरव गोगोई से कड़ियां जोड़ने का दावा

मुख्यमंत्री ने इस कथित नेटवर्क को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से जोड़ते हुए कई अंतरराष्ट्रीय नामों का उल्लेख किया। उनके अनुसार अलग-अलग व्यक्तियों और संगठनों के बीच संपर्कों की एक ऐसी श्रृंखला दिखाई दे रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे बेहद गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय नामों का जिक्र

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने संदेश में अमेरिकी उद्योगपति George Soros, पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख, ब्रिटेन की एलिजाबेथ कोलबर्न और अंत में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच संबंधों की बात कही। उन्होंने इसे एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ बताया, जो भारत को अस्थिर करने के उद्देश्य से सक्रिय बताया जा रहा है।

himanta-biswa-sarma-global-conspiracy-claim

जांच की बात, जनता को सच जानने का अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे मामले की परतें सामने लाई जा रही हैं, तस्वीर और अधिक जटिल होती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि कथित रूप से किस तरह ऐसी योजना बनाई गई और उसे किस प्रकार अंजाम देने की कोशिश हुई। उनके मुताबिक गहन पड़ताल से ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने मुख्यमंत्री के रुख का समर्थन किया है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक हमला बता रहा है। अलग-अलग दलों के प्रवक्ताओं के बयान सामने आने लगे हैं और माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।

आगे क्या होगा, इस पर टिकी नजरें

विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय नाम सामने आने के कारण मामला संवेदनशील बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। सभी की नजरें इस बात पर हैं कि संबंधित पक्ष किस तरह अपना पक्ष रखते हैं और क्या नए तथ्य सामने आते हैं।

✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!

भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष : राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन ने मोदी संग बढ़ाया साझेदारी का दायरा

लोकसभा में हंगामा: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष

संसद और दिल्ली के स्कूलों को बम की धमकी: मेल में 13 फरवरी का जिक्र, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी, साइबर फ्रॉड के नए जाल से बचें