August 30, 2025 8:10 PM

योगी आदित्यनाथ की तारीफ करना सपा विधायक को पड़ा भारी, पूजा पाल पार्टी से निष्कासित

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योगी आदित्यनाथ की तारीफ पर सपा विधायक पूजा पाल पार्टी से निष्कासित, बयान सोशल मीडिया पर वायरल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब समाजवादी पार्टी (सपा) ने कौशांबी जिले के चायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया। कारण बना, विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुली तारीफ करना, जिसे पार्टी ने “पार्टी विरोधी गतिविधि” माना।

सदन में दिया विवादित बयान

गुरुवार को यूपी विधानसभा में ‘विज़न डॉक्यूमेंट 2047’ पर चल रही 24 घंटे की मैराथन चर्चा के दौरान पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस नीति के चलते उन्हें और कई अन्य महिलाओं को न्याय मिला है।
उन्होंने अपने बयान में सीधे अतीक अहमद का जिक्र करते हुए कहा —

“मेरे पति की हत्या किसने की, यह सब जानते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद जैसे अपराधी को मिट्टी में मिलाने का काम किया। उन्होंने मेरी बात तब सुनी, जब कोई और सुनने को तैयार नहीं था। मैं उनका शुक्रिया अदा करती हूं।”

पूजा पाल का यह भी कहना था कि उन्होंने उस समय आवाज उठाई थी जब कोई भी अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ खड़ा होना नहीं चाहता था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सदन में दिया गया यह बयान कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो के वायरल होते ही सपा नेतृत्व में हलचल मच गई। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूजा पाल के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।

अखिलेश यादव का निष्कासन आदेश

अखिलेश यादव ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर पूजा पाल को सभी पार्टी पदों से हटाने और समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। पत्र में लिखा गया —

  • आपको कई बार पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सचेत किया गया था।
  • बावजूद इसके, आपकी गतिविधियां बंद नहीं हुईं, जिससे पार्टी की छवि और संगठन को नुकसान पहुंचा।
  • आपका आचरण अनुशासनहीनता के दायरे में आता है, इसलिए तत्काल प्रभाव से आपको निष्कासित किया जाता है।

पृष्ठभूमि: पति की हत्या और अतीक अहमद का मामला

पूजा पाल के पति रज्जाक पाल की 2005 में हत्या हो गई थी, जिसमें माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद का नाम सामने आया था। यह मामला वर्षों तक सुर्खियों में रहा। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पिछले साल पुलिस कस्टडी में हत्या के बाद पूजा पाल ने इसे “न्याय की जीत” बताया था।

राजनीतिक प्रभाव

पूजा पाल के निष्कासन को लेकर सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला” बता रहा है, जबकि सपा नेता कह रहे हैं कि किसी भी सदस्य को पार्टी लाइन से हटकर बयान देने की अनुमति नहीं है। वहीं, भाजपा नेताओं ने पूजा पाल की तारीफ की है और इसे “सत्य का साथ देने वाला कदम” बताया है।


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