August 30, 2025 8:14 PM

हिमाचल में लैंडस्लाइड से चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद, 2000 से ज्यादा पर्यटक फंसे; पंजाब के 7 जिलों में बाढ़, सेना उतरी

  • हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली समेत कई राज्यों में हालात बेहद गंभीर

नई दिल्ली। उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली समेत कई राज्यों में हालात बेहद गंभीर हैं। बुधवार रात हुई भारी बारिश के बाद हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बनाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिसकी वजह से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया। हाईवे पर जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप है। इस कारण करीब 2000 से ज्यादा पर्यटक जगह-जगह फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश से दिक्कतें बढ़ रही हैं।

हिमाचल में तबाही का मंजर

राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 310 लोगों की मौत, 369 लोग घायल और 38 लोग लापता हैं। वहीं, बारिश और भूस्खलन से 1240 से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है, जिनमें से 331 मकान पूरी तरह ढह गए। पहाड़ी इलाकों में कई सड़कें और पुल बह चुके हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

पंजाब में बाढ़ का कहर

दूसरी ओर, पंजाब के सात जिलों में बारिश और नदियों के उफान के चलते हालात बिगड़ गए हैं। अब तक 150 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कई गांवों को खाली कराया जा रहा है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें नावों और मशीनों की मदद से राहत कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार ने 30 अगस्त तक सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया है।

जम्मू-कश्मीर और दिल्ली भी प्रभावित

बारिश का असर जम्मू-कश्मीर में भी देखने को मिला है। यहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में 41 लोगों की मौत हो चुकी है। जम्मू में झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

लंबे समय से चल रही भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का असर पर्यटन उद्योग और कृषि क्षेत्र पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। मनाली, कुल्लू और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़ इस मौसम में सबसे ज्यादा होती है, लेकिन सड़कों के बंद होने और होटलों में पर्यटकों के फंसे रहने से स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के निचले इलाकों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

सरकार और प्रशासन की चुनौतियां

राज्यों में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था लगातार परखी जा रही है। राहत और बचाव कार्यों में जुटी टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह भूस्खलन से हालात और गंभीर हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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