लोकसभा में हंगामे के बीच शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष मिशन पर चर्चा, विपक्ष ने उठाए वोट चोरी के आरोप
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। बिहार में वोटर वेरिफिकेशन और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार नारेबाजी की। वहीं, इसी बीच दोपहर 2 बजे लोकसभा में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सफल अंतरिक्ष मिशन पर विशेष चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि पूरा देश इस गौरवशाली उपलब्धि पर जश्न मना रहा है, लेकिन विपक्ष का रवैया निराशाजनक है।

वोट चोरी विवाद से संसद ठप
सोमवार को जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने बिहार में चल रहे वोटर वेरिफिकेशन अभियान को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस और महागठबंधन के सांसद ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ और ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगाते रहे। इसका असर यह हुआ कि लोकसभा और राज्यसभा को पहले 12 बजे तक और फिर दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी संकेत दिए कि यदि जरूरी हुआ तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगी। हालांकि, अभी इस पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
VIDEO | Lok Sabha holds a special discussion on Indian astronaut, Group Captain Shubhanshu Shukla’s historic mission to the International Space Station (ISS), marking a landmark moment in India’s space journey.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 18, 2025
Union MoS (Independent Charge) for Science and Technology, Jitendra… pic.twitter.com/XYTA48oigP
अंतरिक्ष मिशन पर चर्चा, लेकिन विपक्ष की चुप्पी
दोपहर 2 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्पीकर ओम बिड़ला ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष से सफल वापसी पर विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि,
“ऐसे अवसर पर जब पूरा देश गर्व और उत्साह से भरा हुआ है, विपक्ष चुप बैठा है। सरकार से नाराजगी अलग बात है, लेकिन एक एस्ट्रोनॉट से नाराज कैसे हुआ जा सकता है? शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के सिपाही हैं, किसी दल के प्रतिनिधि नहीं। आज विपक्ष धरती से नाराज है, आकाश से नाराज है और यहां तक कि अंतरिक्ष से भी नाराज है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह नाराजगी वास्तव में विपक्ष की हताशा को दर्शाती है। एक डॉक्टर होने के नाते मैं समझ सकता हूं कि यह मनोस्थिति तब पैदा होती है जब व्यक्ति स्वयं से निराश हो जाता है।

सरकार का विधायी एजेंडा भी आगे बढ़ा
विपक्षी हंगामे के बावजूद सरकार ने सोमवार को दो अहम विधेयक लोकसभा में पेश किए।
- जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025 – इसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक को चयन समिति के पास भेजा गया है और समिति को अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस विधेयक के जरिए 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन किए जाएंगे, जिससे भरोसे पर आधारित शासन और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूती मिलेगी।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (संशोधन) बिल 2025 – यह बिल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेश किया। इसका उद्देश्य प्रबंधन संस्थानों की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता को मजबूत करना है।
गौरव और राजनीतिक खींचतान साथ-साथ
जहां एक ओर देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल कर गौरव महसूस कर रहा है, वहीं दूसरी ओर संसद का माहौल पूरी तरह राजनीतिक खींचतान में उलझा रहा। विपक्ष ने वोट चोरी का मुद्दा छोड़ने से इनकार कर दिया और सरकार चाहती रही कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सफलता पर सर्वसम्मति से चर्चा हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव लाता है तो यह संसदीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम होगा, लेकिन उससे पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।
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