August 30, 2025 2:26 PM

सर्जियो गोर बने भारत में अमेरिका के नए राजदूत, ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं

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ट्रम्प ने सर्जियो गोर को भारत का नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया, जानिए क्यों माने जाते हैं खास

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त कर दिया है। यह अहम जिम्मेदारी सर्जियो गोर को सौंपी गई है। गोर को ट्रम्प का सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। उन्हें शुक्रवार को दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत (Special Envoy) का पद भी दिया गया है।

गोर की पृष्ठभूमि और ट्रम्प से करीबी

सर्जियो गोर लंबे समय से ट्रम्प परिवार के नजदीक रहे हैं। अमेरिकी मीडिया अक्सर उन्हें ट्रम्प का ‘गेटकीपर’ कहती रही है, क्योंकि वे यह तय करते थे कि ट्रम्प से कौन मुलाकात कर सकता है और किसे नहीं। गोर की पहचान एक ऐसे शख्स के रूप में है, जो पर्दे के पीछे रहकर भी व्हाइट हाउस की नीतियों और नियुक्तियों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

गोर ने राष्ट्रपति चुनावों के दौरान ट्रम्प के लिए फंड जुटाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। वे ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के प्रबल समर्थक माने जाते हैं। यही कारण है कि ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल में उन्हें और अधिक जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

एरिक गार्सेटी की जगह नियुक्ति

भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में गोर ने एरिक गार्सेटी की जगह ली है, जो मई 2023 से जनवरी 2025 तक इस पद पर रहे। हालांकि इस नियुक्ति में करीब सात महीने की देरी हुई। ट्रम्प ने चीन और कई अन्य देशों में दिसंबर 2024 में ही राजदूत नियुक्त कर दिए थे, लेकिन भारत को लेकर यह फैसला टालते रहे। इसे लेकर सवाल उठते रहे कि आखिर भारत जैसे रणनीतिक साझेदार के लिए राजदूत की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों हुई।

गोर और विवादों का रिश्ता

सर्जियो गोर केवल ट्रम्प परिवार के नजदीक होने की वजह से ही चर्चा में नहीं रहे, बल्कि कई बार विवादों में भी घिरे। बताया जाता है कि मशहूर उद्योगपति एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच टकराव की एक बड़ी वजह भी गोर थे। मस्क ने तो उन्हें ‘सांप’ तक कह दिया था। इसके बावजूद गोर की स्थिति ट्रम्प की टीम में कमजोर नहीं हुई।

अमेरिका-भारत संबंधों पर असर

गोर को ऐसे समय में भारत का राजदूत बनाया गया है, जब दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद गहराया हुआ है। हाल ही में अमेरिका के व्यापार वार्ताकारों का भारत दौरा अचानक रद्द कर दिया गया था, जिससे रिश्तों में ठंडापन दिखाई दिया। ऐसे में गोर पर यह जिम्मेदारी होगी कि वे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नए सिरे से मजबूत करें। विश्लेषकों का मानना है कि गोर ट्रम्प के अमेरिका फर्स्ट एजेंडे को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

ट्रम्प जूनियर के दोस्त और प्रकाशन कारोबार

सर्जियो गोर की नजदीकी केवल डोनाल्ड ट्रम्प तक सीमित नहीं है। वे ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर के भी अच्छे दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर ‘विनिंग टीम पब्लिशिंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जो ट्रम्प परिवार की किताबें प्रकाशित करती है। इस कंपनी की किताबें महंगी मानी जाती हैं। एक किताब की कीमत लगभग 6500 रुपये से शुरू होती है।

इसी प्रकाशन कंपनी के जरिए ट्रम्प ने अब तक तीन किताबें प्रकाशित करवाई हैं। इनमें से एक किताब में वह मशहूर तस्वीर शामिल है, जब पेनसिल्वेनिया की रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस हमले में खून से लथपथ हालत में भी ट्रम्प ने मुट्ठी उठाकर ताकत का प्रदर्शन किया था। यह तस्वीर उनके समर्थकों के बीच प्रतीक बन गई थी।

ट्रम्प का भरोसेमंद दायां हाथ

ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में टीम चयन को लेकर कई बार पछतावा जताया था, क्योंकि उनकी नजर में कुछ लोग वफादार साबित नहीं हुए। इस बार उन्होंने खासतौर पर इस बात का ध्यान रखा है कि अहम पदों पर केवल उन्हीं को जिम्मेदारी मिले जो पूरी तरह निष्ठावान हों। इसी रणनीति के तहत उन्होंने गोर को भारत का राजदूत और दक्षिण-मध्य एशिया का विशेष दूत नियुक्त किया है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि गोर केवल एक राजनयिक नहीं बल्कि ट्रम्प की सोच और नीतियों के प्रतिनिधि बनकर भारत आएंगे। उनकी नियुक्ति से यह साफ हो गया है कि ट्रम्प भारत-अमेरिका रिश्तों को अपनी शर्तों पर आगे बढ़ाना चाहते हैं और इसमें गोर उनकी रणनीति का अहम हिस्सा होंगे।



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