August 30, 2025 11:00 AM

रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को

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रॉबर्ट वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग मामला: अगली सुनवाई 20 सितंबर

नई दिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी। यह आदेश राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया।

वकीलों के बहिष्कार और वकालतनामा का मामला

गुरुवार को सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा के वकील श्रीकर ऐचुरी ने कोर्ट को बताया कि वकीलों की ओर से न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के कारण वे कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपना वकालतनामा दाखिल करेंगे।

इस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि आरोपितों की ओर से वकालतनामा दाखिल नहीं किया गया है, इसलिए मामले की सुनवाई टाल दी जाए। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई अगली तिथि तक स्थगित कर दी।

मामले की पृष्ठभूमि

  • 17 जुलाई 2025 को ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और 10 अन्य आरोपितों के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
  • आरोपितों की कंपनियों में मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी शामिल है।
  • ईडी ने वाड्रा और उनकी कंपनी की 37.64 करोड़ रुपये मूल्य की 43 संपत्तियों को जब्त किया है।

जमीन सौदे का मामला

इस मामले की जड़ 2008 तक जाती है।

  • गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन का सौदा हुआ।
  • स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन केवल साढ़े 7 करोड़ रुपये में खरीदी।
  • वाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे।
  • जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी गई थी और केवल 24 घंटे में वाड्रा की कंपनी के नाम पर मालिकाना हक दर्ज हो गया।
  • इसके बाद, 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेची गई, जिससे कंपनी को भारी मुनाफा हुआ।

कानूनी कार्रवाई

  • इस मामले में 2018 में FIR दर्ज की गई थी।
  • 2 अगस्त 2025 को कोर्ट ने वाड्रा समेत 10 आरोपितों को समन जारी किया

मामला क्यों महत्वपूर्ण है

रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों से जुड़े यह मनी लॉन्ड्रिंग मामले लंबे समय से सुर्खियों में हैं। जमीन खरीद और बिक्री में हुई कथित गड़बड़ी के कारण मामले में कानूनी प्रक्रिया कई सालों से चल रही है। इसके अलावा यह मामला अत्यधिक मुनाफे के जरिये धन के स्रोत और लेन-देन की पारदर्शिता को लेकर भी महत्वपूर्ण है।


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