नई दिल्ली:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने हाल ही में एक बयान में बताया कि जुलाई से सितंबर 2024 की तिमाही में सरकार के सब्सिडी भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खाद्य सब्सिडी का बजट 2,05,250 करोड़ रुपये रखा है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष के संशोधित अनुमान 2,12,332 करोड़ रुपये से लगभग 3% कम है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में सब्सिडी खर्च में वृद्धि
आरबीआई गवर्नर के अनुसार, इस तिमाही में सब्सिडी भुगतान बढ़ने का कारण कुछ महत्त्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन और वितरण के समय पर खर्च करना है। खासकर खाद्य सब्सिडी में खर्च बढ़ा है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत जरूरतमंदों को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया है।
खाद्य सब्सिडी में 3% की कटौती का कारण
इस साल सरकार ने खाद्य सब्सिडी का बजट 2,05,250 करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले साल के संशोधित अनुमान 2,12,332 करोड़ रुपये से 7,082 करोड़ रुपये कम है। यह 3% की कटौती सरकार के खर्चों पर नियंत्रण और अधिक प्रबंधन के उद्देश्य से की गई है। सरकार ने खाद्य सब्सिडी के क्षेत्र में कुछ सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सब्सिडी का लाभ सही तरीके से और सही लोगों तक पहुंचे।
सब्सिडी कटौती पर आरबीआई गवर्नर की राय
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि सब्सिडी में की गई इस कटौती का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चों को स्थिर रखना और आवश्यक क्षेत्रों में वितरित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और अनावश्यक खर्चों में कटौती की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की वित्तीय स्थिति पर निगरानी और खर्च प्रबंधन के लिए उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हैं। सब्सिडी में कटौती एक संतुलित दृष्टिकोण है जिससे सरकार भविष्य में भी अपने अन्य विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
भविष्य में खाद्य सब्सिडी के लिए योजनाएं
भविष्य में, सरकार ने लक्षित वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल जरूरतमंद लोग ही सब्सिडी का लाभ प्राप्त करें। इसके साथ ही, सरकार का ध्यान यह भी है कि सब्सिडी में होने वाली लीकेज और फर्जी लाभार्थियों की समस्या को दूर किया जा सके। इस दिशा में आधार कार्ड से जुड़ी पहचान प्रक्रिया, डिजिटल तकनीक और ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाया जा रहा है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में सब्सिडी भुगतान में वृद्धि और आगामी वित्तीय वर्ष में 3% की सब्सिडी कटौती से सरकार का उद्देश्य है कि वित्तीय प्रबंधन संतुलित हो और सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचे। आरबीआई गवर्नर ने इसे सरकार के वित्तीय स्थिरता और खर्च प्रबंधन के प्रति एक सकारात्मक कदम माना है।
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