August 30, 2025 10:53 PM

पुतिन-ट्रंप मुलाकात पर मोदी से हुई बातचीत, यूक्रेन जंग के शांतिपूर्ण समाधान पर भारत का जोर

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पुतिन ने पीएम मोदी को दी ट्रम्प से हुई मुलाकात की जानकारी, मोदी ने कहा- यूक्रेन युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान जरूरी

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर अमेरिका यात्रा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से हुई अपनी हालिया मुलाकात की जानकारी दी। इस दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर यूक्रेन युद्ध और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की।

पुतिन ने मोदी को अलास्का में ट्रम्प से हुई अपनी बैठक के मुख्य बिंदु बताए। उन्होंने बताया कि बैठक करीब तीन घंटे चली और इसके बाद मात्र 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने किसी भी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया। पुतिन ने कहा कि रूस की सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने अगली बैठक मॉस्को में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।

वहीं, ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अभी तक किसी समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। उन्होंने इस बैठक को 10 में से 10 अंक देते हुए उम्मीद जताई कि आगे ठोस परिणाम निकल सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के दौरान पुतिन को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत हमेशा से संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का पक्ष हमेशा संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही समाधान निकालने का रहा है।

इसी बीच, अमेरिका ने रूस से तेल आयात करने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। इस तरह भारत पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिससे ऊर्जा क्षेत्र पर प्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है।

दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी ट्रम्प से डेढ़ घंटे लंबी चर्चा हुई और वे 18 अगस्त को वॉशिंगटन डी.सी. जाकर उनसे व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पूरी ताकत से शांति स्थापित करने के लिए तैयार है और वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ आगे बढ़ेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प और पुतिन की मुलाकात, मोदी-पुतिन वार्ता और जेलेंस्की की आगामी यात्रा से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यूक्रेन युद्ध के समाधान की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज़ हो रहे हैं। हालांकि, रूस की सुरक्षा चिंताओं और अमेरिका की कठोर आर्थिक नीतियों के बीच किसी ठोस समझौते तक पहुंचना अभी भी चुनौतीपूर्ण रहेगा।

भारत के लिए यह परिस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ओर रूस उसका पारंपरिक और भरोसेमंद साझेदार है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका उसका बड़ा व्यापारिक और रणनीतिक सहयोगी। ऐसे में भारत को संतुलित कूटनीति अपनानी होगी ताकि ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक दबावों के बीच संतुलन बनाया जा सके।


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