August 31, 2025 6:13 AM

पूर्वांचल में बाढ़ का कहर: छह जिलों के 500 से अधिक गांव जलमग्न, तीन की डूबने से मौत; वाराणसी में 12वीं तक के स्कूल बंद

  • मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और बलिया जिले बाढ़ की चपेट में

वाराणसी। पूर्वांचल में गंगा का उफान जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और बलिया जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन छह जिलों के 500 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। भदोही को छोड़कर शेष सभी जिलों में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वाराणसी में मंगल उर्फ छोटू राजभर (19), बलिया में लाल बहादुर धोबी (46) और गाजीपुर में राजू (31) की डूबने से जान चली गई। मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य की रफ्तार को लेकर लोगों में नाराजगी है।

मिर्जापुर में 254 गांव प्रभावित, भदोही में भी खतरे के करीब गंगा

मिर्जापुर जिले की स्थिति सबसे गंभीर मानी जा रही है, जहां 254 गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। भदोही में गंगा का जलस्तर 80.900 मीटर तक पहुंच चुका है। चंदौली और गाजीपुर जैसे जिलों में भी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। खेतों में पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं, और ग्रामीणों के सामने भोजन और आश्रय की समस्या खड़ी हो गई है।

स्कूलों पर पड़ा असर, कई जिलों में छुट्टियों की घोषणा

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

  • वाराणसी में मंगलवार और बुधवार को कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।
  • मिर्जापुर में सात अगस्त तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
  • गाजीपुर में मंगलवार और बुधवार को 8वीं तक के विद्यालय बंद रहेंगे।
  • चंदौली और सोनभद्र में भी आठवीं तक के स्कूलों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है।

शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है, जबकि कई स्कूल राहत केंद्रों के रूप में उपयोग में लाए जा रहे हैं।
गंगा की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता, जल आयोग ने चेताया

केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटों तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है। सोमवार को दिन भर जलस्तर में आधा सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई, लेकिन शाम होते-होते यह गति दोगुनी हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।

वहीं, गंगा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो अगले चार दिन में बनारस पहुंचेगा। इससे संकट और गहरा सकता है।

सोनभद्र के बांध भी खुले, नदियों का प्रवाह तेज

सोनभद्र जिले में रिहंद और ओबरा बांध के कुल 9 फाटक खोलकर पानी छोड़ा गया है। इसके चलते नदियों का प्रवाह और तेज हो गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो रही है। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

ग्रामीण बोले – अधिकारी आए, नाम लिखा और चले गए

बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्य को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी सर्वे के नाम पर आते हैं, नाम दर्ज करते हैं और चले जाते हैं, लेकिन न तो राशन मिल रहा है, न पीने का साफ पानी। स्वास्थ्य शिविरों की संख्या भी बेहद सीमित है, जिससे बच्चों और वृद्धों को गंभीर स्वास्थ्य खतरे झेलने पड़ रहे हैं।

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